ओपीडी, गायनी सहित सभी वार्डों और पंजीकरण काउंटर पर लगी रही भीड़
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। सेक्टर-6 सिविल अस्पताल ने कोरोना का नया वेरिएंट जेएन.1 सामने आने पर गाइडलाइन तो जारी कर दी है, लेकिन इसका पालन नहीं हो रहा है। दो दिन अवकाश के बाद मंगलवार को जब सेक्टर-6 सिविल अस्पताल की ओपीडी खुली तो किसी ने भी मास्क नहीं पहन रखा था।
अस्पताल प्रशासन ज्यादा पीड़ितों की जांच तो कर रहा है, लेकिन गाइडलाइन पर अमल नहीं करने से संक्रमण बढ़ने की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता। अमर उजाला ने मंगलवार को अस्पताल जाकर देखा तो गाइडलाइन का कहीं कोई असर नजर नहीं आया। अस्पताल प्रशासन मरीजों और उनके परिजनों को अलर्ट करते जरूर नजर आया, लेकिन उसका भी किसी पर कोई प्रभाव पड़ता नजर नहीं आया। सभी ओपीडी, पंजीकरण काउंटर पर भारी भीड़ देखने को मिली। किसी ने भी मास्क नहीं लगा रखा था।
ओपीडी, पंजीकरण काउंटर के बाहर नहीं किसी को परवाह
सुबह 11 बजे सेक्टर-6 सिविल अस्पताल में इलाज के लिए करीब साढ़े चार हजार मरीज पहुंचे थे। पंजीकरण काउंटर पर लोगों ने मास्क नहीं पहना था। कर्मचारियों द्वारा घोषणा करने के बावजूद हालात जस के तस बने रहे। मंगलवार को इमरजेंसी, एमडी मेडिसिन, टीबी रोग, पीडियाट्रिक ओपीडी, गायनी, ईएनटी साइकेट्रिस्ट सहित अन्य ओपीडी के सामने मरीजों की लंबी लाइनें लगी रहीं। यहां गाइडलाइन की धज्जियां उड़ती नजर आई। वहीं एमडी मेडिसिन की ओपीडी में सबसे अधिक खांसी, जुकाम, बुखार के मरीजों की संख्या थी। इसके अलावा ईएनटी की ओपीडी में भी मरीजों की संख्या काफी अधिक रही।
कोरोना के 25 सैंपल लिए
सिविल अस्पताल सेक्टर-6 में मंगलवार को खांसी, बुखार और जुकाम के सबसे अधिक मरीज पहुंचे। इस दौरान वहां पर कोरोना के 25 सैंपल लिए गए। एक सप्ताह में 50 सैंपलों की जांच की गई है। अभी तक कोई भी संक्रमित नहीं मिला है। सिविल अस्पताल की सीएमओ डॉ. मुक्ता कुमार ने बताया कि गाइडलाइन जारी की गई है। इसके लिए अलाउंस भी करवाया जा रहा है।
डॉक्टरों की सलाह पर खांसी, जुकाम और बुखार के मरीजों का कोरोना टेस्ट किया जा रहा है। इसे लेकर तैयारी पूरी कर ली गई है। अभी तक नए वैरिएंट के एक भी केस सामने नहीं आए हैं। मास्क लगाने के लिए लोगों को जागरूक करेंगे। - डॉ. उमेश मोदी, पीएमओ, सिविल अस्पताल सेक्टर-6