पंजाब सरकार ने कोरोना वायरस के खतरे के मद्देनजर प्रदेश के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों, कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज में 31 मार्च तक छुट्टियों का एलान कर दिया है। अटारी-वाघा सीमा के रास्ते अफगानिस्तान और भारत के बीच होने वाले व्यापार शनिवार से बंद हो गया है।
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राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा ने शुक्रवार को बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार कोरोनो वायरस (कोविड-19) के खतरे को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। इससे पहले प्रदेश के शिक्षा मंत्री विजय इंदर सिंगला ने सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में 31 मार्च तक छुट्टियों की घोषणा करते हुए कहा कि जिन स्कूलों में परीक्षाएं चल रही हैं, उनमें परीक्षाएं निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेंगी।
तृप्त बाजवा ने कहा कि यह वायरस पूरी दुनिया में फैल रहा है। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने उच्च शिक्षा विभाग को निर्देश दिया था कि कोरोना वायरस को फैलने से रोकने की कोशिशों के तहत सभी तरह के एहतियाती कदम उठाए जाएं। शिक्षा मंत्री सिंगला ने बताया कि इस बीमारी को सूबे में इसे रोकने के लिए जरूरी है कि इससे बचाव के उपाय किए जाएं।
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शिक्षा मंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस से बचाव के लिए एहतियात के रूप में सूबे के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में 31 मार्च तक छुट्टी की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन स्कूलों में परीक्षाएं चल रही हैं, वहां परीक्षाएं पूर्व निर्धारित तिथियों के अनुसार जारी रहेंगी। उन्होंने कहा कि बुखार, खांसी और सांस लेने में तकलीफ आदि कोरोना वायरस के आम लक्षण हैं।
इसलिए जरूरी है कि कोरोना वायरस से बचाव के लिए खांसते या छींकते समय मुंह और नाक पर रुमाल रखा जाए और छींकते समय नाक को अपनी कोहनी से ढका जाए। मास्क का प्रयोग किया जाए और बुखार या खांसी वाले व्यक्तियों से दूरी बनाकर रखी जाए।
एहतियाती कदम उठाने की अपील
मंत्री बाजवा ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे एहतियाती कदम के तौर पर समय-समय पर साबुन से अच्ची तरह हाथ धोएं या अल्कोहल आधारित सेनेटाइजर से अच्छी तरह हाथ साफ करें। सिंगला ने खास तौर पर कहा कि घरेलू नुस्खों से इलाज करने की बजाय विशेषज्ञ डाक्टरों की सलाह से दवा ली जाए।
पालतू और जंगली जानवरों के साथ असुरक्षित संपर्क से परहेज की सलाह देते हुए सिंगला ने कहा कि कोरोना के लक्षण दिखने पर पीड़ित को अकेला रखा जाए और तुरंत नजदीकी सरकारी सेहत संस्था से संपर्क किया जाए।
हेल्पलाइन 104 पर कर सकते हैं संपर्क
पंजाब सरकार की ओर से सेहत संबंधी जानकारी और सुझाव के लिए पहले ही स्थापित की गई हेल्पलाइन 104 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा नेशनल काल सेंटर 011-23978046 और स्टेट कंट्रोल रूम नंबर 88720-90029 व 0172-2920074 भी स्थापित किए गए हैं।
अटारी वाघा सीमा के रास्ते भारत-अफगानिस्तान व्यापार बंद
अटारी-वाघा सीमा के रास्ते अफगानिस्तान और भारत के बीच होने वाले व्यापार शनिवार से बंद हो गया है। अफगानिस्तान से जितने भी माल के ट्रक भारत के लिए रवाना हुए, वह शनिवार शाम तक अटारी सड़क सीमा में स्थित आईसीपी में पहुंच जाएंगे। कोरोना वायरस का प्रभाव भारत-अफगानिस्तान के बीच होने वाले व्यापार पर भी पड़ा है। इसी बीच गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब के दर्शनों के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में कोई कमी नहीं आई है।
जानकारी के अनुसार शुक्रवार शाम साढ़े पांच बजे तक पाकिस्तान से 195 हिंदू अटारी सीमा के रास्ते भारत पहुंचे। इन हिंदुओं के पास 25 दिन का हरिद्वार का वीजा है। बड़े-बड़े बॉक्सों में सामान लेकर अटारी सीमा पर पहुंचे हिंदू हरिद्वार के स्थान पर राजस्थान में रहने वाले अपने रिश्तेदारों के यहां चले गए। बता दें कि एक महीना पहले पाकिस्तान से आए अधिकतर पाकिस्तानी हिंदू नहीं लौटे हैं।
पंजाब में डेरा प्रमुखों से धार्मिक समागम मुलतवी करने की अपील
पंजाब में कोविड-19 के खतरे से निपटने के लिए शुक्रवार को स्थानीय निकाय मंत्री ब्रह्म मोहिंदरा की अध्यक्षता में सात मंत्रियों के समूह (जीओएम) की मीटिंग हुई। राज्य में लोगों को एहतियातन उपायों और सावधानियों संबंधी जागरूक करने के लिए मंत्री समूह ने व्यापक मुहिम चलाने का फैसला किया है। डिप्टी कमिश्नरों को जनसभाओं आदि की मंजूरी न देने की हिदायत की गई है, वहीं धार्मिक नेताओं और डेरा प्रमुखों को भी अपने धार्मिक समागम को मुलतवी करने की अपील की गई है।
ब्रह्म मोहिंदरा ने बताया कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की अध्यक्षता में इस उच्च स्तरीय समूह का गठन किया गया है, जिसमें ओम प्रकाश सोनी, तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, रजिया सुल्ताना, बलबीर सिंह सिद्धू, विजय इंदर सिंगला और भारत भूषण आशु शामिल हैं। मंत्रियों का समूह दैनिक आधार पर स्थिति का जायजा लेगा और जरूरी दवाओं की उपलब्धता, मेडिकल और पैरा-मेडिकल स्टाफ की उपलब्धता और राज्य में आइसोलेशन वार्ड स्थापित करने को यकीनी बनाएगा।
इससे कोविड-19 के संदिग्ध मरीजों को अलग रखा जा सकेगा। उन्होंने बताया कि राज्य के प्रशासनिक अमले ने इस बीमारी को फैलने से रोकने के लिए तुरंत कार्रवाई की और इस समय राज्य भर में कोविड-19 के मरीज़ों को अलग रखने के लिए 2200 बैड तैयार हैं। इसके अलावा प्राईवेट अस्पतालों में 250 वेंटिलेटर हैं, जबकि अमृतसर और पटियाला के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 20-20 वेंटिलेटर तैयार हैं।
स्थानीय निकाय मंत्री ने कहा कि लोगों को कोविड-19 से बचाने के लिए हाथ मिलाने, भीड़ वाले स्थानों पर जाने, धार्मिक जलसे में जाने से गुरेज़ करने सम्बन्धी जागरूक करने के लिए सभी सरकारी विभागों, इंडियन मेडिकल ऐसोसिएशन (आईएमए), सामाजिक और धार्मिक संस्था और एनजीओज के साथ साझे तौर पर जागरूकता मुहिम चलाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी वर्कर, डीडीपीओ/ बीडीपीओ और पंचायत सचिव ग्रामीण क्षेत्र के लोग को जागरूक करने के लिए निजी तौर पर संपर्क करेंगे। इसी तरह डीईओ यह यकीनी बनाऐंगे कि सुबह की सभा में इकट्ठे हुए स्कूली विद्यार्थी एक-दूसरे से एक मीटर की दूरी बनाकर रखें। ब्रह्म मोहिंदरा ने कहा कि मंत्री समूह इस संबंधी जारी दिशा-निर्देशों की पालना और प्रगति का जायजा लेने के लिए कार्रवाई रिपोर्ट की समीक्षा करेगा।
यह है तैयारी
- पीड़ित मरीजों को अलग रखने के लिए 2200 बैड तैयार
- प्राईवेट अस्पतालों में 250 वैंटिलेटरों की व्यवस्था
- अमृतसर, पटियाला के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 20-20 वैंटिलेटर