शादी का झांसा देकर बनाए थे शारीरिक संबंध, फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने लगाया 50 हजार रुपये जुर्माना
वर्ष 2022 में दर्ज पॉक्सो मामले में आया फैसला
16 वर्षीय किशोरी दो माह की गर्भवती मिलने पर हुआ था खुलासा
जुर्माने की राशि पीड़िता को मुआवजे के रूप में देने के आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। पंचकूला की फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म के एक मामले में दोषी को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर उसे छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश मनीष दुआ की फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने मार्च 2022 में दर्ज पॉक्सो मामले में यह फैसला सुनाया। अदालत ने पुलिस जांच और अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों को आधार मानते हुए आरोपी को पॉक्सो अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत दोषी करार दिया।
अदालत ने आदेश दिया कि जुर्माने की राशि पीड़िता को मुआवजे के रूप में दी जाएगी। साथ ही जांच और सुनवाई के दौरान आरोपी द्वारा न्यायिक हिरासत में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
2022 में सामने आया था मामला
मामला वर्ष 2022 में उस समय सामने आया था, जब सेक्टर-6 नागरिक अस्पताल से पुलिस को सूचना मिली थी कि उपचार के लिए लाई गई 16 वर्षीय किशोरी करीब दो माह की गर्भवती है। पुलिस पूछताछ में पीड़िता ने आरोप लगाया था कि पड़ोस में रहने वाले एक युवक ने शादी का झांसा देकर उसकी इच्छा के विरुद्ध कई बार शारीरिक संबंध बनाए, जिसके कारण वह गर्भवती हो गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच पूरी होने के बाद अदालत में चालान पेश किया गया। मामले की सुनवाई के उपरांत कोर्ट ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।