चंडीगढ़। जिला परिषद चुनाव में नूंह के वार्ड 8 को अनुसूचित जाति की महिला के लिए आरक्षित करने के मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश का पालन न करना डीसी को भारी पड़ गया। हाईकोर्ट ने नोटिस जारी कर डीसी से पूछा है कि क्यों न उनके खिलाफ न्यायालय की अवमानना के तहत कार्रवाई की जाए।
नूंह निवासी ममन ने एडवोकेट मजलिस खान के माध्यम से याचिका दाखिल करते हुए वार्ड नंबर 8 को अनुसूचित जाति की महिला के लिए आरक्षित करने के फैसले को चुनौती दी थी। याची ने कहा कि इस प्रकार से इस सीट को आरक्षित करना रोटेशन पॉलिसी के खिलाफ है। इस मामले में 24 अगस्त को याचिकाकर्ता ने डीसी को एक मांगपत्र भी सौंपा था, लेकिन कोई निर्णय नहीं लिया गया। हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा करते हुए नूंह के डीसी व जिला चुनाव अधिकारी को आदेश दिया था कि 1 सप्ताह के भीतर इस मांगपत्र पर निर्णय लें। आदेश के बावजूद इसका पालन न होने पर अब अवमानना याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट की शरण ली गई। याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने अब नूंह के डीसी को नोटिस जारी कर पूछा है कि क्यों न उनके खिलाफ न्यायालय की अवमानना के तहत कार्रवाई की जाए।