चंडीगढ़। हरियाणा कांग्रेस विधायक दल के उप नेता चौधरी आफताब अहमद और रोहतक विधायक व एचपीएससी पूर्व चेयरमैन बीबी बत्रा ने एडीसी टूरिज्म, वन व पर्यटन विभाग के प्रमुख सचिव रहे आलोक वर्मा को एचपीएससी चेयरमैन नियुक्त करने का विरोध किया है।
विधायक बीबी बत्रा ने कहा कि एक तरफ सरकार यह कहती है कि वो हरियाणा में 75 प्रतिशत पद हरियाणा वासियों के लिए रखेंगे दूसरी तरफ एचपीएससी चेयरमैन जैसे संवैधानिक पद हरियाणा से बाहर के लोगों को नियुक्ति दी जा रही है। संघ से जुड़े अधिकारियों के सामने योग्य अफसर साइड लाइन किए जा रहे हैं, ये चिंताजनक है।
सरकार पूरी तरह से विफल हो गई है, सिर्फ संघ की अनुशंसा पर सरकार काम कर रही है। हरियाणा से जुड़े अधिकारी या यहां के ही व्यक्ति को चेयरमैन बनाना चाहिए जो सरकार या संघ से प्रभावित नहीं हो।
कांग्रेस विधायक दल के उप नेता नूहं विधायक चौधरी आफताब अहमद ने भी कहा है कि मुख्यमंत्री व उप मुख्यमंत्री को चुप्पी तोड़नी चाहिए कि आखिर क्यों हरियाणा के किसी भी अफसर या व्यक्ति में उन्हें एचपीएससी चेयरमैन बनने की योग्यता नहीं दिखाई दी।
आफताब अहमद ने संदेह व्यक्त करते हुए कहा कि कैसे मुख्यमंत्री के निजी सचिव निष्पक्ष होकर अपनी जिम्मेदारी निभा पाएंगे। संघ से उनके संबंध पर भी लोग उंगली उठा रहे हैं, संवैधानिक पदों की मर्यादाओं को क्यों रौंद रही है भाजपा-जजपा सरकार।
दोनों कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सरकार हरियाणा की जनभावनाओं के अनुरूप नहीं बल्कि संघ की इच्छा अनुरूप चल रही है, जो सही नहीं है, सरकार को नियुक्ति रद्द करनी चाहिए और हरियाणा के अधिकारी या व्यक्ति को ही इस संवैधानिक पद पर नियुक्त करना चाहिए।