पंचकूला। कृषि कानूनों के विरोध में और पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस के दामों में हो रही वृद्धि से नाराज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सेक्टर-11/14 के चौक पर प्रदर्शन किया। कांग्रेसी कार्यकर्ताओं का कहना था कि पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान पर पहुंच गए हैं। लोग अब घरों से निकलने से पहले सोचने को मजबूर हो चुके हैं। रसोई गैस की कीमत जेब पर भारी पड़ रही है। वर्तमान में हालात ऐसे बन गए हैं कि बहन-बेटियाें को एक बार फिर चूल्हा फूंकना पड़ रहा है।
इस मौके पर जिला कांग्रेस प्रभारी अनिल सैनी, शशि शर्मा, एडवोकेट विजय बंसल, पूर्व मेयर उपिंदर कौर आहलूवालिया, रविंद्र रावल, सुधा भारद्वाज, मनवीर कौर गिल, डॉक्टर राम प्रकाश, संदीप सोही, ओम शुक्ला, भावना गुप्ता, प्रियंका, हेमंत किंगर, आरके कक्कड़, राकेश सोंधी, रमेश बामल, प्रवेश पैतका, सुषमा खन्ना, विजय धीर, आरसी गुप्ता, इंद्रजीत सिंह बडैच, कमलेश लोहाट, संतोष शर्मा, संजीव भरद्वाज, रवीकांत स्वामी, जगदीश राय, पंकज, उषा रानी, गुरमेल कौर, दलवीर बाल्मीकि, योगिंद्र कवात्रा, देविंदर शर्मा, आरबी पहुजा, सुनील सरोहा मौजूद रहे।
इससे पहले कृषि कानूनों के विरोध में सोमवार को सेक्टर-15 स्थित बिश्नोई भवन में कांग्रेस सम्मेलन की अध्यक्षता प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री चंद्रमोहन ने की। उन्होंने कहा कि किसानों के आंदोलन को समर्थन देना समाज के हर व्यक्ति की नैतिक जिम्मेदारी है। किसान हमारे अन्नदाता हैं, जिनके साथ केंद्र और प्रदेश सरकार धक्केशाही कर रही है। किसानों के समर्थन में पंचकूला शहर के प्रत्येक सेक्टर में कार्यकर्ता और पदाधिकारी रोजाना धरना प्रदर्शन करेंगे।
उन्होंने कहा कि वह सरकार से पूछना चाहते हैं कि क्या अपने अधिकारों की रक्षा करने के लिए कोई व्यक्ति अपनी आवाज बुलंद नहीं कर सकता है। सरकार आवाज सुनकर भी बहरी क्यों बनी हुई है। जब किसान कानूनों को स्वीकार नहीं कर रहे हैं तो वापस लेने में क्या बुराई है। उन्होंने कहा कि तीनों कृषि कानून गठबंधन सरकार के लिए कफन में आखिरी कील साबित होंगे।
सेक्टर-15 स्थित बिश्नोई भवन में पूर्व उपमुख्यमंत्री चंद्रमोहन और अन्य नेता।- फोटो : PKL OFFICE