पूर्व हॉकी खिलाड़ी और कांग्रेस के विधायक परगट सिंह बुधवार को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से मिलकर साफ कर आए कि राज्य सरकार को जनता से किए सभी वादे हर हाल में पूरे करने होंगे और इस दिशा में सरकार तेजी से काम शुरू करे। उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष यह साफ कर दिया कि प्रदेश की जनता में कांग्रेस सरकार और खास तौर पर कैप्टन अमरिंदर सिंह के प्रति यह धारणा बन रही है कि वे बादलों से मिले हुए हैं। परगट ने मुख्यमंत्री से इस धारणा को तोड़ने का भी आग्रह किया।
बीते दिनों परगट सिंह द्वारा राज्य सरकार की कारगुजारी और नाकामियों पर एक पत्र मुख्यमंत्री के पास भेजा था। यह पत्र मीडिया में लीक होने के बाद चर्चा में आया, जिस पर आखिरकार बुधवार को कैप्टन ने परगट सिंह को मिलने के लिए बुला लिया। कैप्टन से मुलाकात के बाद परगट ने बताया कि उन्होंने चिट्ठी में जो कुछ लिखा था, उन सभी मुद्दों पर इस बैठक में चर्चा हुई। उन्होंने सीएम से कहा कि आम लोगों के बीच कांग्रेस सरकार के प्रति धारणा बदल रही है, जिस पर काम करने की जरूरत है। परगट ने आगे बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा कि दिल्ली और देश की राजनीति में जो कुछ हो रहा है, अगर कांग्रेस पंजाब में अच्छा प्रदर्शन नहीं करती तो हिटलर वाली नीतियां पंजाब में भी आ सकती हैं। इसलिए प्रदेश सरकार अपने प्रदर्शन में सुधार और तेजी लाए।
परगट ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री के सामने यह बातें भी रखी कि सरकार को इंटरनल आडिट कराना चाहिए और अपनी कर नीति में आमूल-चूल परिवर्तन करना चाहिए ताकि जनता पर बोझ न डालते हुए एक-एक पैसे का सदुपयोग किया जा सके। उन्होंने मुख्यमंत्री को यह भी कहा कि रेत खनन के मामले में सरकार की बदनामी हो रही है। सरकार की एक्साइज के आमदनी भी घटी है, जिसे ठीक करना बहुत जरूरी हो चुका है।
उल्लेखनीय है कि परगट सिंह ने एक पत्र के जरिये सरकार की नाकामियों को उजागर करते हुए कैप्टन को चुनाव मेनिफेस्टो में जनता से किए वादे याद दिलाए थे। परगट ने कैप्टन को भेजे अपने पत्र की एक फोटो कॉपी कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी को भी भेज दी थी। परगट ने पत्र में राज्य सरकार की नाकामियां गिनाते हुए लिखा था कि वे दिसंबर 2019 में भी पत्र लिख चुके हैं, जिसमें उन्होंने उस समय भी नशे के खिलाफ राज्य सरकार की विफलता का मामला उठाया था। नए पत्र में परगट सिंह ने राज्य में शराब माफिया और खनन माफिया का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार माफिया पर लगाम कसने में नाकाम रही है। उन्होंने पत्र में लिखा कि माफिया राज ठीक उसी तरह चल रहा है, जैसे बादल सरकार के समय चल रहा था। परगट ने इसके साथ ही कैप्टन सरकार को भ्रष्टाचार के मामले पर भी घेरते हुए लिखा है कि राज्य में भ्रष्टाचार पर अंकुश नहीं लगाया जा सका। उन्होंने कैप्टन को चुनाव मैनिफेस्टो में जनता के किए वादों की याद भी दिलाई और कहा कि जनता से किए वादे पूरे नहीं हो सके हैं।