चंडीगढ़। बरनाला जिले के धनौला गांव से भेजे गए सूअर के सैंपल में अफ्रीकी स्वाइन फीवर की पुष्टि हुई है, जिसके बाद इस क्षेत्र को प्रभावित जोन घोषित किया गया। पंजाब के पशु-मत्स्य पालन और डेयरी विकास मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने वीरवार को इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संगरूर जिले से भी तीन संदिग्ध सैंपल भेजे गए थे जो निगेटिव पाए गए हैं।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि भोपाल की भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) - राष्ट्रीय सुरक्षा पशु रोग संस्था द्वारा इसकी पुष्टि की गई है। धनौला गांव में बीमारी के केंद्र से 0-1 किमी तक के क्षेत्र को संक्रमण जोन और 1-10 किमी को निगरानी जोन घोषित किया गया है। इस क्षेत्र से कोई भी जीवित अथवा मृत सूअर, सूअर का मांस या किसी भी संबंधित सामग्री को न बाहर ले जाया जाएगा और न अंदर लाया जाएगा। विभाग के कर्मचारियों को निगरानी क्षेत्र में भी कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
भुल्लर ने छह प्रभावित जिलों का विवरण देते हुए कहा कि पटियाला, फतेहगढ़ साहिब, नवांशहर, फाजिल्का, फरीदकोट और मानसा के घोषित संक्रमित जोन में सूअरों की कलिंग की जा चुकी है, ताकि बीमारी को आगे बढ़ने से रोका जा सके। इसके बाद इन जगहों से दोबारा भेजे गए सैंपल निगेटिव पाए गए हैं। भुल्लर ने पशुपालकों से अपील की है कि वे सूअरों को इधर-उधर न लेकर जाएं, सूअर व्यापारियों या कारोबारियों को उनके फार्मों में आने से सख्ती से रोकें और साथ ही खुराक भी अपने ही फार्म में तैयार करें, क्योंकि सावधानी अपनाने से ही इस बीमारी से बचाव किया जा सकता है।