सिविल अस्पताल की बदहाली का मामले में नई शिकायत दर्ज
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। सिविल अस्पताल सेक्टर-6 पंचकूला में मरीजों के अधिकारों के उल्लंघन और बदहाल व्यवस्थाओं से जुड़े मामले में नया मोड़ आया है। पंचकूला निवासी एस.के. नैय्यर ने मानवाधिकार आयोग में पहले से लंबित मामले में ही एक नई और विस्तृत शिकायत औपचारिक रूप से जोड़वाई है, ताकि अस्पताल में लगातार सामने आ रही लापरवाहियों को उसी प्रकरण के अंतर्गत रिकॉर्ड पर लाया जा सके।
शिकायतकर्ता का कहना है कि अस्पताल प्रशासन द्वारा सुधार के जो दावे किए जा रहे हैं, वे जमीनी स्तर पर दिखाई नहीं दे रहे। मरीजों की गरिमा, सुरक्षा, स्वच्छता और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति लगातार चिंताजनक बनी हुई है। उन्होंने आयोग को बताया कि यह नया प्रतिवेदन उसी लंबित मामले का हिस्सा है, जिससे आयोग पूरे घटनाक्रम और प्रशासनिक लापरवाही की निरंतरता का समग्र आकलन कर सके।
महिला वार्ड में निजता उल्लंघन का गंभीर आरोप
नई शिकायत में बताया गया है कि हरियाणा राज्य महिला आयोग की जांच के दौरान महिला वार्ड में पुरुष वार्ड अटेंडेंट के महिलाओं के शौचालय में प्रवेश करने का मामला सामने आया। इसे महिला मरीजों की निजता, गरिमा और व्यक्तिगत सुरक्षा का गंभीर उल्लंघन बताया गया है।
शिकायत के अनुसार प्रारंभ में अस्पताल प्रशासन ने किसी भी प्रकार की लापरवाही से इनकार किया, लेकिन मामला उजागर होने के बाद ही जांच समितियों का गठन किया गया। इससे प्रशासन की जवाबदेही और आंतरिक निगरानी प्रणाली पर सवाल खड़े होते हैं।
स्वच्छता और आधारभूत ढांचे की बदहाल स्थिति
ताजा शिकायत में वरिष्ठ अधिकारियों के निरीक्षण का हवाला देते हुए कहा गया है कि अस्पताल के शौचालय लंबे समय से गंदे और बदबूदार हैं। कई शौचालय बंद पड़े हैं, स्ट्रेचर और व्हीलचेयर टूटे हुए हैं, जबकि लिफ्टें भी लंबे समय से खराब पड़ी हैं, जिससे मरीजों और तीमारदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बारिश में इमरजेंसी और गलियारों में भरा पानी
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि बारिश के दौरान इमरजेंसी वार्ड और अस्पताल के गलियारों में पानी भर गया, जिससे मरीजों के बेड के आसपास फिसलन की स्थिति बन गई और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया। इससे मरीजों, तीमारदारों और अस्पताल कर्मचारियों की सुरक्षा पर प्रतिकूल असर पड़ा।