बरवाला। प्राथमिक प्रशिक्षण केंद्र, भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल, भानू में महानिरीक्षक प्राथमिक प्रशिक्षण केंद्र ईश्वर सिंह दूहन के कुशल मार्ग दर्शन में कमांडो कोर्स 27वें सहायक सेनानी बेसिक कोर्स में 22 प्रशिक्षणार्थी प्रशिक्षण ले रहे हैं और प्रथम यंग ऑफिसर कोर्स में दस प्रशिक्षणार्थियों (आठ पुरुष और दो महिला) कुल 32 पदाधिकारियों की ओर से आईटीबीपी अकादमी में प्रशिक्षण ग्रहण किया जा रहा है। इन 32 पदाधिकारियों को एक विशेष प्रशिक्षण के लिए प्राथमिक प्रशिक्षण केंद्र भानू में भेजा गया है।
इसमें कमांडो कोर्स के लिए हेली स्लेदरिंग का अभ्यास करवाया गया। कमांडो प्रशिक्षण बहुत कठोर होता है। इसमें प्रशिक्षणार्थियों को कठोर प्रशिक्षण के साथ-साथ विषम परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार किया जाता है। प्रशिक्षण के दौरान कमांडो को अनेक तरह का प्रशिक्षण दिया जाता है। जिसमें हेली स्लेदरिंग कमांडो कोर्स का एक मुख्य हिस्सा होता है। इसमें हेलीकाप्टर से रस्सी के सहारे उतरने का प्रशिक्षण दिया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि हेलीकाप्टर से कम समय में दुर्गम जगहों पर सैनिकों को तैनात किया जा सके। ऐसी जगहों पर जहां हेलीपैड नहीं है या शहरी क्षेत्र में है, वहां पर रस्सी के माध्यम से तेजी से उतरा जा सके। स्लेदरिंग का इस्तेमाल आमतौर पर उन स्थितियों में किया जाता है, जब खतरनाक लैंडिंग स्थिति के लिए जमीन नरम या असमान साफ हो।
इसके अलावा धीमी गति से तैनाती का उपयोग तब किया जाता है जब विपक्ष से आग लगाने का खतरा हो, कमांडो सभी बलों में विशेष सैनिक होते हैं, इसलिए एक कमांडो के पास फिसलने का बुनियादी कौशल होता है। हेली स्लेदरिंग की मूल आवश्यकता शार्ट बोर्न हेली ऑपरेशन और ऑपरेशन के लिए रस्सी पर बचाव और लैडिंग का निर्माण एवं सैनिकों को तुरंत छोड़ने के लिए इलाके में कोई रास्ता न हो। इन सभी गतिविधियों के लिए इस तरह का अभ्यास करवाया जाता है। इस अवसर पर महानिरीक्षक, प्राथमिक प्रशिक्षण केन्द्र भानू ईश्वर सिंह दुहन के अलावा अन्य ऑफिसर, कमांडो और प्रशिक्षणार्थी मौजूद थे।