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कलेक्टर रेट : मोहाली और जीरकपुर से तीन गुणा महंगा है पंचकूला

Sat, 25 Jun 2016 12:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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प्रॉपर्टी, फ्लैट, हाउस - फोटो : डेमो फोटो
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मंदी से जूझ रही पंचकूला की रियल इस्टेट मार्केट में जान फूंकने के लिए बेशक पंचकूला में कलेक्टर रेट को कम कर दिया गया है, लेकिन अभी भी यहां के रेट मोहाली, डेराबस्सी और जीरकपुर के साथ ही बद्दी की अपेक्षा काफी ज्यादा हैं। ज्यादा अंतर होने के कारण पंचकूला की अपेक्षा निवेशक मोहाली और जीरकपुर के साथ ही डेराबस्सी की प्रॉपर्टी को महत्व दे रहे हैं। पंजाब सरकार ने पिछले एक साल में तीन बार कलेक्टर रेट घटाए हैं। जिसका सीधा असर पंचकूला की रियल इस्टेट मार्केट पर पड़ा है। 
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तीन साल में 100 यूनिट बंद 
इंडस्ट्री भी यहां से पड़ोसी शहर बद्दी, मोहाली, डेराबस्सी में शिफ्ट हो चुकी है। बीते तीन साल में करीब 100  इंडस्ट्रियल यूनिट बंद हुई हैं। कई अन्य इंडस्ट्री भी बंद करने की नौबत आ चुकी है। पिछले पांच सालों में कोई नई इंडस्ट्री नहीं आई। 

आक्शन नहीं लुभा सकी निवेशक
पंचकूला में दो माह पहले कामर्शियल प्लाट की सेल के लिए आनलाइन आक्शन की लेकिन कोई भी खरीदार नहीं आया। इसके पहले भी दो बार हुडा द्वारा की गई नीलामी में ज्यादा रिस्पांस नहीं मिल सका। 
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दस मरले के रेजीडेंशियल प्लाट की रजिस्ट्री 
पंचकूला-60 लाख रुपये से एक करोड़ रुपये तक (25 हजार रुपये से 50 हजार रुपये गज)
मोहाली-35 लाख रुपये से लेकर 50 लाख रुपये (15 हजार रुपये से लेकर 30 हजार रुपये गज)
जीरकपुर-15 लाख से लेकर 30 लाख रुपये (8 हजार रुपये से 15 हजार रुपये गज)

इंडस्ट्रियल प्लाट की रजिस्ट्री
डेराबस्सी में एक कनाल की रजिस्ट्री-40 लाख रुपये
मोहाली में एक कनाल की रजिस्ट्री-80 लाख रुपये
पंचकूला में एक कनाल की रजिस्ट्री- 1 करोड़ 60 लाख रुपये

कामर्शियल प्लाट की रजिस्ट्री
जीरकपुर-20 हजार रुपये गज
मोहाली-50 हजार रुपये गज
पंचकूला-2 लाख रुपये गज

क्या है कलेक्टर रेट
सरकार द्वारा रजिस्ट्री के लिए तय किए गए रेट को कलेक्टर रेट कहते हैं। मसलन, आपने मार्केट से कोई प्लाट खरीदा और उसका दाम कलेक्टर रेट से कम भी है तो भी आपको उसकी रजिस्ट्री उसी रेट पर करवानी होगी जो कि सरकार ने तय किया है। आपने कोई प्लाट एक करोड़ रुपये का खरीदा और उसका कलेक्टर रेट दो करोड़ रुपये बनता है तो आपको दो करोड़ रुपये पर ही रजिस्ट्री करवानी होगी। 

कोट्स
पंचूकला के कलेक्टर रेट कम करने के बावजूद भी जीरकपुर और मोहाली की अपेक्षा करीब तीन गुणा हैं। पंचकूला में रेजीडेंशियल के साथ ही कामर्शियल और इंडस्ट्रियल प्लाट्स भी महंगे हैं। इसका प्रतिकूल प्रभाव निवेशकों पर पड़ता है। अभी यहां निवेश को आकर्षित करने की बात हो रही है तो निश्चित रूप से रेट्स भी मोहाली, जीरकपुर के साथ ही बद्दी से भी कंपटीटिव होने चाहिए। 
जगदीप अत्री, प्रधान पंचकूला प्रापर्टी डीलर्स वेलफेयर एसोसिएशन
 
कोट्स
पंचकूला में कलेक्टर रेट्स को कम किया गया और यह एक अच्छा संकेत है। लेकिन प्रापर्टी के रेट्स अभी भी काफी ज्यादा हैं। हां, यदि पंजाब सरकार की तरह इसके रेट्स को थोड़ा कम किया जाए तो बेहतर होगा। इससे एक तो रियल इस्टेट मार्केट बूम करेगी और दूसरा पंचकूला में खाली पड़े प्लाट्स की खरीद फरोख्त भी शुरू हो सकेगी। जिससे रेवेन्यू अर्जित होगा। 
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अशोक पंवार, महासचिव पंचकूला प्रापर्टी डीलर्स वेलफेयर एसोसिएशन
 
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