अकाली दल और भाजपा के बीच दशकों पुराना गठबंधन 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में टूट जाने की आशंका बढ़ गई है। इसके संकेत भाजपा की ओर से आए हैं, जिसने दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान अकाली दल को अलग रख कर चुनाव लड़ा था।
पंजाब के पूर्व मंत्री मदन मोहन मित्तल ने एक बयान में कहा कि भाजपा ने 2022 के विधानसभा चुनाव में 59 सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश प्रदेश इकाई ने हाईकमान को इस मामले में जानकारी दे दी है और फैसला हाईकमान द्वारा ही लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि अकाली दल को हमारा संदेश क्लियर हो गया है। हम अगले चुनाव में 59 सीटों के हिसाब से ही तैयारी करेंगे। हम सहयोगी पार्टी के साथ 50-50 सीटों की मांग कर रहे हैं। पार्टी राज्य में किसकी सीट पर चुनाव लड़ेगी इसके लेकर सर्वे किया जा रहा है। बता दें कि अकाली दल और भाजपा के बीच सीट बंटवारे के मौजूदा फार्मूले के अनुसार, विधानसभा चुनाव में अकाली दल 94 और भाजपा 23 सीटों पर चुनाव लड़ी थी।
पार्टी में पहले से सुगबुगाहट
उल्लेखनीय है कि पंजाब भाजपा में अकाली दल से अलग होने की सुगबुगाहट पिछले महीने साफ दिखाई देने लगी थी जब अश्वनी शर्मा के पदभार संभालने के तुरंत बाद पूर्व कैबिनेट मंत्री मास्टर मोहन लाल ने पत्रकारों से कहा कि यह सही समय है कि पार्टी को अकाली दल से गठबंधन तोड़ लेना चाहिए।
सुखबीर बादल हमारा बच्चा
मित्तल ने कहा कि प्रकाश सिंह बादल हमारे बड़े भाई हैं, इसलिए हम नहीं भूले लेकिन सुखबीर बादल तो हमारा बच्चा है। अब सुखबीर बादल को लगेगा कि उनका कोई बड़ा भाई है। मित्तल ने कहा कि भाजपा को अब राज्य में बड़े भाई की भूमिका में आना चाहिए। अकाली दल और भाजपा के बीच सीटों को समान रूप से बांटा किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि 117 सीटों वाले सदन में बीजेपी को 59 और अकाली दल के पास 58 सीटें होनी चाहिए।