चंडीगढ़। मुख्यमंत्री निवास में बुधवार शाम को सीएम मनोहर लाल की अध्यक्षता में मंत्री समूह की बैठक में प्रदेश के ताजा घटनाक्रम पर बातचीत हुई। इस दौरान किसानों का मुद्दा भी सामने आया। जिसमें सांसदों की कमेटी की कार्यशैली पर भी चर्चा हुई। इस दौरान विपक्ष की बयानबाजी का जवाब आक्रामक ढंग से देने के लिए कहा गया। बैठक में गठबंधन सरकार को इस मुद्दे पर एकमत होकर चलने के लिए कहा गया है। इस दौरान डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला, परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा, जेपी दलाल, कमलेश ढांडा सहित अन्य मंत्री मौजूद थे।
सभी मंत्रियों ने अपनी राय दी और किसानों के हित में आगे बढ़ने के लिए कहा गया। गठबंधन सरकार ने एकमत से यह बात कही कि आने वाले दिनों में जब विधेयक कानून बनेगा तो किसानों के हित की ही बात होगी। इसमें किसी तरह का कोई संशय नहीं है। विपक्ष इस मामले पर ओछी राजनीति कर रहा है। विपक्ष के बहकावे में कुछ किसान यह सोच रहे हैं कि उनका हित हो रहा है, लेकिन असलियत यह है कि विपक्ष किसानों को बरगलाने का काम कर रहा है।
उधर, बैठक से बाहर निकल कर बीते 10 सितंबर को पिपली में किसानों के आंदोलन के सवाल पर गृह मंत्री विज ने कहा कि इस मुद्दे पर बातचीत की कोई आवश्यकता ही नहीं है। उन्होंने कहा कि 70 साल में कांग्रेस ने क्या किया जवाब दें। एसी कमरों से निकलकर कांग्रेसियों को जेल में जाना चाहिए। विज ने नेता विपक्ष और पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर पलटवार करते हुए कहा कि किसान हितैषी होने का दावा करने वाले हुड्डा जेल जाने के दावे कर रहे हैं। लेकिन पिछले 70 साल में कांग्रेस ने क्या किया, इसका जवाब दें।