चंडीगढ़। पंजाब रोडवेज, पनबस व पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन पंजाब के पदाधिकारियों की वीरवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ होने वाली बैठक फिर टल गई। परिवहन विभाग की तरफ से यूनियन के पदाधिकारियों को वीरवार को चंडीगढ़ बुलाया गया था, लेकिन अंतिम समय में मुख्यमंत्री के दिल्ली रवाना हो जाने के कारण बैठक नहीं हो सकी।
बैठक नहीं होने से नाराज यूनियन के पदाधिकारियों रेशम सिंह गिल और कमल कुमार ने कहा कि इससे पहले भी उन्हें बार-बार बैठक की तारीख देकर लौटा दिया जाता रहा है। सरकार उनकी मांगों का हल निकालने के बजाय मांगों से भागना ही उचित समझ रही है। वीरवार को भी मुख्यमंत्री के साथ बैठक नहीं होने की सूचना देते हुए यूनियन को एक बिना हस्ताक्षरित पत्र दिया गया है, जिसे यूनियन ने ठुकरा दिया है और 9 फरवरी को सभी रोडवेट डिपुओं के गेटों पर इस पत्र की प्रतियां फूंकी जाएंगी।
प्रेस बयान जारी करते हुए कमल कुमार, रेशम सिंह गिल, शमशेर सिंह, बलजीत सिंह, हरकेश कुमार, जगतार सिंह, गुरप्रीत सिंह पन्नू, बलजिंदर सिंह ने कहा कि सरकार बनने से पहले परिवहन कर्मचारियों से बड़े वादे किए गए थे, लेकिन आज तक कोई सार्थक समाधान नहीं निकला। पंजाब सरकार द्वारा की जाने वाली राजनीतिक रैलियों में सरकारी बसों को कॉन्ट्रैक्ट मुलाजिम नहीं लेकर जाएंगे और इन राजनीतिक रैलियों का कड़ा विरोध किया जाएगा। इसके अलावा पनबस/पीआरटीसी के कर्मचारी केवल रूट ड्यूटी ही करेंगे और बसों में केवल 52 सवारियां बैठाने के अपने फैसले को फिर से लागू करेंगे। उन्होंने कहा कि कॉन्ट्रैक्ट मुलाजिम बसों में 52 से अधिक यात्रियों को नहीं ले जाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि यूनियन की तरफ से 13-15 फरवरी को तीन दिवसीय हड़ताल करके मुख्यमंत्री आवास पर धरना दिया जाएगा और 16 फरवरी को देशव्यापी हड़ताल में हिस्सा लिया जाएगा।