चंडीगढ़। जालंधर कैंट से विधायक परगट सिंह ने विधानसभा सत्र के दौरान रेत खनन का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि उनके एरिया में कोई दरिया नहीं है, बावजूद इसके धड़ल्ले से रेत खनन चल रहा है। 60 से 70 फीट तक गहरे गड्ढे हो गए हैं। पुलिस व प्रशासन इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। ऐसा लग रहा है कि वह खनन माफिया के साथ मिला हुआ है। परगट सिंह ने सीएम मान से कहा कि इसे लेकर हम सभी की बदनामी हो रही है। यही कारण है कि गंभीरता से इस पर कार्रवाई करने की जरूरत है। सीएम मान ने इस पर विधायक परगट से कहा कि मैं आपके साथ खुद जाकर इस खनन को चेक करूंगा और इसे लेकर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बुड्ढे दरिया की समस्या गंभीर, हल करवाएंगे : मान
सीएम मान ने कहा कि बुड्ढे दरिया की समस्या भी गंभीर मसला है और इसे हल करवाया जाएगा। इससे केवल लुधियाना प्रभावित नहीं है, बल्कि अन्य जिलों में भी समस्या है। जलालाबाद में आसपास के गांव पानी की समस्या से बुरी तरह से प्रभावित हैं। वहां मरीज बढ़ रहे हैं और 10 से 15 साल के किशारों के बाल सफेद हो रहे हैं। केंद्र सरकार से मंत्री आते हैं और प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चले जाते हैं। 2008 से मैं काम कर रहा हूं और इस समस्या को भी हल करवाया जाएगा।
विधानसभा सत्र में 10 दिन का किया जाए विस्तार, विपक्ष ने सरकार को घेरा :
विधानसभा सत्र के जीरो ऑवर में तीन दिवसीय मानसून सत्र बुलाने के लिए विपक्षी विधायकों ने अपना विरोध जाहिर किया। विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि नियमों के तहत विधानसभा की एक साल में 40 दिन की सीटिंग होनी चाहिए, जिससे अब तक तीन साल में विधानसभा का 120 दिन का कुल सत्र होना चाहिए था लेकिन मानसून सत्र को मिलाकर अभी तक 39 दिन की सीटिंग ही बनती है। सदन में 117 विधायक हैं। अगर सभी विधायकों को 10 मिनट का समय भी दिया जाएगा तो भी दो दिन इसके लिए काफी नहीं होगा, क्योंकि एक दिन का सत्र श्रद्धांजलि में ध्यान आकर्षक प्रस्तावों में ही खत्म हो गया है। यही कारण है कि इस सत्र को 10 दिन के लिए आगे बढ़ाया जाना चाहिए। बाजवा ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था का बुरा हाल है।
पंजाबी भाषा एक्ट का केंद्रीय एजेंसियां नहीं कर रही पालन :
रोपड़ के विधायक दिनेश चड्ढा ने बताया कि राज्य में पंजाब भाषा एक्ट लागू है, लेकिन देखने में आया है कि केंद्र सरकार से जुड़ी एजेंसियां इस एक्ट की पालना नहीं करती हैं। हमारे एक्ट में उनके खिलाफ कार्रवाई का भी कोई प्रावधान नहीं है। ऐसे में इसे लेकर उचित प्रावधान किए जाने चाहिए।