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जल प्रबंधन के लिए डीआईपी की भागीदारी को सीएम की मंजूरी

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चंडीगढ़। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने ‘अटल भू-जल योजना’ के सफल क्रियान्वयन में सहायता हेतु छह समूहों के लिए ‘डिस्ट्रिक्ट इंपलिमैंटेशन पार्टनर्स’ (डीआईपी) की भागीदारी को मंजूरी दे दी। अब मंजूरी के बाद डीआईपी ग्राम जल-सुरक्षा योजना तैयार करेंगे और पंचायत स्तर पर इसके क्रियान्वयन में सहयोग करेंगे।
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मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में यहां हुई ‘अटल भू-जल योजना’ से संबंधित समीक्षा बैठक में उक्त मंजूरी दी गई है। इस अवसर पर कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जेपी दलाल के अलावा सिंचाई एवं जल संसाधन, जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी एवं कृषि सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने राज्य में ‘अटल भू-जल योजना’ को ‘मेरा पानी-मेरी विरासत’ और सूक्ष्म-सिंचाई जैसी अन्य जल-संरक्षण योजनाओं के साथ जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने इस दौरान भविष्य की योजनाओं के बारे में भी अधिकारियों से जानकारी ली।
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14 जिलों को किया जाएगा कवर
एसीएस देवेंद्र सिंह ने बताया कि ‘अटल भू-जल योजना’ के तहत हरियाणा के कुल 14 जिलों को कवर किया जाएगा, जिनमें कुल 1669 ग्राम पंचायतों वाले 36 ऐसे ब्लॉक शामिल हैं जहां पर भू-जल का स्तर काफी नीचे है। राज्य सरकार ने प्रदेश में नीचे जा रहे भू-जल स्तर में कम से कम 50 प्रतिशत तक ठीक करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रारंभ में प्रत्येक गांव की जल सुरक्षा योजना तैयार की जाएगी और अगले चार वर्षों में इसे लागू किया जाएगा।
की जाएंगी जल पंचायतें
‘अटल-जल हरियाणा’ परियोजना के निदेशक डॉ. सतबीर सिंह कादियान ने बताया कि ‘अटल भू-जल योजना’ के तहत विभिन्न जल-पंचायतें आयोजित की जाएंगी, जिनमें ग्रामीण अपने भू-जल संसाधनों का स्वामित्व लेंगे और राज्य की टीम के परामर्श से भविष्य की कार्य योजना तय करेंगे।
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