चंडीगढ़। यौन उत्पीड़न मामले में सीएलटीए के पांच नाबालिग आरोपियों की एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज पूनम आर जोशी की अदालत में अग्रिम जमानत याचिका पर बुधवार को सुनवाई हुई। इस मामले में पीड़ित पक्ष ने आरोपियों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। सुप्रीम कोर्ट ने इस शिकायत को जनहित याचिका के रूप में लिया है। इस मामले में 6 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है। उसके बाद सात सितंबर को चंडीगढ़ जिला अदालत में सुनवाई होगी।
मामला 23 जुलाई 2019 का है। पीड़िता के पिता ने पुलिस को शिकायत दी थी कि उनकी बेटी सेक्टर-10 सीएलटीए में टेनिस की प्रैक्टिस केलिए जाती है। इस दौरान पांच टेनिस खिलाड़ी पिछले तीन महीने से उसके साथ छेडछाड़ कर रहे हैं। पिता ने लड़कों की शिकायत सीएलटीए के प्रेसिडेंट जयसिंह और सीओओ मेघराज को दी। शिकायत पर इन्होंने कुछ दिन के लिए एक को रेस्टिकेट और दो आरोपियों को सस्पेंड कर दिया। इसके बाद आरोपियों ने दोबारा पीड़िता से छेड़छाड़ शुरू कर दी। इसके साथ ही आरोपियों ने पीड़िता को हॉस्टल रूम में आने को कहा। पीड़िता के पिता जब दोबारा एसोसिएशन केप्रधान केपास शिकायत करने गए तो एसोसिएशन ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। इसके बाद उन्होंने मामले की सूचना पुलिस को दी। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि पुलिस मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। अभी तक भी आरोपियों को गिरफ्तार तक नहीं किया गया है, इसलिए आरोपियों ने जिला अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है। वहीं, पुलिस पर सीएलटीए के सदस्यों को आरोपी नहीं बनाया है, जबकि उन्हें आरोपी बनाया जाना चाहिए था। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा।