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Panchkula News: सिविल अस्पताल की ऑनलाइन व्यवस्था होगी क्लाउड पर शिफ्ट, सर्वर डाउन की समस्या से मिलेगी राहत

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पंचकूला। पंचकूला के सिविल अस्पताल और मातृ एवं शिशु अस्पताल (एमसीएच) में मरीजों को जल्द ही सर्वर डाउन और ऑनलाइन प्रणाली ठप होने की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। अस्पताल की करीब 12 वर्ष पुरानी ऑनलाइन व्यवस्था को क्लाउड सर्विस पर स्थानांतरित करने की तैयारी शुरू हो गई है। अधिकारियों के अनुसार नई व्यवस्था लागू होने के बाद इंटरनेट, एप्लीकेशन और हार्डवेयर से जुड़ी तकनीकी बाधाएं काफी हद तक दूर हो जाएंगी तथा सर्वर डाउन होने की संभावना भी समाप्त हो जाएगी। अस्पताल में पिछले कुछ वर्षों के दौरान मरीजों की संख्या बढ़ने से पुराना सर्वर बढ़ते ऑनलाइन कार्यभार को संभालने में सक्षम नहीं रह गया था। इसके चलते पंजीकरण, जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने और दवा पर्ची बनाने जैसी सेवाओं में देरी की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं। हरियाणा स्टेट हेल्थ रिसोर्स सेंटर (एचएसएचआरएस) के अनुसार क्लाउड सर्वर पर स्थानांतरण के लिए दूरसंचार कंपनी से अनुबंध हो चुका है और टेंडर प्रक्रिया भी पूरी कर दी गई है।
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अस्पताल में 2 लेन से जुड़ी ऑनलाइन सेवा



सिविल अस्पताल में वर्तमान में 2 लेन से ऑनलाइन सेवा संचालित की जा रही है। मुख्य सर्वर एचएसएचआरएस के माध्यम से एचआईएमएस पोर्टल का संचालन हो रहा है। दूसरा लोकल इंटरनेट है। लोकल इंटरनेट 100 एमबीपीएस की स्पीड के साथ चल रहा जो हार्टन से चल रहा है। मुख्य सर्वर में एप्लीकेशन्स को जोड़ा गया है, जिसके माध्यम से फिलहाल मरीज अपनी हिस्ट्री और लैब रिपोर्ट ले पाता है। जबकि एचआईएमएस के अधिकारी ने पुष्टि की है कि सबकुछ ठीक रहा तो आने वाले छह महीनों में मरीज अपना ऑनलाइन कार्ड भी रजिस्टर कर सकेंगे। क्लाउड पर सभी एप्लीकेशंस पर डायवर्ट होने से कभी भी ऑनलाइन सेवाओं में परेशानी नहीं होगी।


बैटरी चोरी बनी सबसे बड़ी वजह



अस्पताल प्रशासन के अनुसार पिछले 2 महीनों में सर्वर डाउन होने और कामकाज प्रभावित होने की सबसे बड़ी वजह अस्पताल परिसर से यूपीएस और सर्वर की इलेक्ट्रिक बैटरियों की चोरी थी। बैकअप बैटरियां न होने के कारण बिजली कटते ही सर्वर बंद हो जा रहा था। इसका सीधा असर मरीजों की ऑनलाइन सेवाओं पर पड़ा। कई बार ओपीडी पर्ची और लैब रिपोर्ट मैन्युअल बनानी पड़ीं। एचएसएचआरएस ने दावा किया है कि पिछले महीने चोरी हुई बैटरियों को बदलने के बाद इंटरनेट और सर्वर सेवाएं बहाल कर दी गई थीं। लेकिन इस दौरान अस्पताल की ऑनलाइन एप्लीकेशन भी प्रभावित हो गई थी, जिसे ठीक करने में समय लगा।
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कोट

अस्पताल में सर्वर अपग्रेडेशन को लेकर इंजीनियरिंग टीमें काम कर रही हैं। इंटरनेट सेवा, मरीजों को मिलने वाली ऑनलाइन सेवा को निर्बाध बनाए रखने के लिए मॉनिटरिंग और चेकिंग होती है। जल्द सर्वर को अपग्रेड किया जाएगा।- डाॅ. आरएस चौहान, पीएमओ
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