पंचकूला। सिविल अस्पताल में पंचकूला मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं पंचकूला जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सह सचिव अपर्णा भारद्वाज ने मंगलवार सुबह 10:30 बजे औचक निरीक्षण किया। नशामुक्ति केंद्र के निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई की सुविधा और सामान के रख रखाव में कई गंभीर कमियां पाई गईं। शौचालय गंदे थे और नलों से लगातार पानी रिस रहा था। उन्होंने व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
महिला वार्ड में एक पुरुष को भी बैठे देखा। अधिकारियों की ओर से एक गंभीर चूक थी और अन्य महिला मरीजों की निजता और गरिमा का उल्लंघन था। नशा केंद्र में कुल 24 मरीज भर्ती थे। भारद्वाज ने कई मरीजों से बातचीत की और उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली।
आधिकारिक रिकॉर्ड के निरीक्षण के दौरान, पिछले महीने दो मरीज फरार पाए गए। फरार मरीजों के लिए रुक्का (रिपोर्ट) तैयार करने के बारे में कर्मचारियों से पूछताछ करने पर, उन्होंने संतोषजनक स्पष्टीकरण दिया। अस्पताल अधिकारियों के लापरवाह रवैये पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की और निर्देश दिया कि नशा मुक्ति केंद्र में स्वच्छता, रोगी सुरक्षा और उचित पर्यवेक्षण सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं।