पंचकूला। कोरोना महामारी के चलते डीसी मुकेश कुमार आहूजा ने सार्वजनिक स्थान पर छठ पर्व मनाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि छठ पूजा समिति ने 20 और 21 नवंबर को सार्वजनिक स्थान छठ पर्व मनाने को लेकर इजाजत मांगी थी। समिति सदस्यों ने छठ महापर्व के लिए सेक्टर-21 कौशल्या नदी और घग्गर नदी के छठ पूजा घाट पर पूजा की स्वीकृति मांगी थी।
इस संबंध में उन्होंने मंगलवार को सीएमओ, पीएमओ, डीआईओ, एसीपी के साथ बैठक की जिसमें स्वीकृति देने को लेकर विचार किया गया। अधिकारियों ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना को महामारी घोषित किया है। भारत सरकार व गृह विभाग की कोविड-19 को लेकर भी दिशा-निर्देश हैं। छठ महापर्व पर 20 से 25 हजार लोगों के आने का अनुमान है। इतनी बड़ी संख्या में लोगों को महापर्व के लिए अनुमति नहीं दी जा सकती।
छठ पूजा समिति ने जताई सहमति
छठ पूजा समिति ने भी इस फैसले पर सहमति जताई है। 15 सदस्यीय समिति ने डीसी को यह भी विश्वास दिलाया कि लोगों से तालमेल बैठाकर उन्हें अपने स्थान पर छठ पूजा पर्व को मनाएंगे। डीसी ने कहा कि भारत सरकार व एमएचए की कोविड-19 को लेकर दिशा-निर्देश हैं कि 2 गज की दूरी और मास्क जरूरी है, का पालन करना अनिवार्य है। उन्होंने जनता से अपील है कि पंचकूला में कोरोना के बढ़ते हुए मामलों व जिलावासियों की सुरक्षा को देखते हुए छठ पूजा पर्व पर सूर्य की आराधना अपने स्थान पर ही करें। किसी भी सार्वजनिक स्थान पर छठ पूजा महापर्व को मनाने की अनुमति नहीं है।
सार्वजनिक स्थानों पर होर्डिंग लगाएं
डीसी ने बताया कि नगर निगम कमिश्नर को जनता को जागरूक करने के लिए मुख्य स्थानों पर होर्डिंग लगवाने व डिप्टी कमिश्नर पुलिस को फोर्स की पर्याप्त व्यवस्था करने व एसडीएम पंचकूला व कालका को किसी भी परिस्थिति से निपटने व सिविल सर्जन को डॉक्टर की टीम व एंबुलेंस और जरूरी दवाइयां, चिन्हित स्थानों पर उपलब्ध करने के निर्देश दिए हैं। सभी कार्यालय वाहक और पंचकूला रजिस्टर समिति के सदस्यों से श्रद्धालुओं को कोविड-19 के बारे में जागरूक और छठ पूजा पर्व को अपने स्थान पर मनाने के लिए उचित कदम उठाने के निर्देश दिए।