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Panchkula News: बदलती जीवन शैली बना रही एनीमिया, कुपोषण और उच्च रक्तचाप का शिकार

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माई सिटी रिपोर्टर
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पंचकूला। बदलती जीवनशैली से लोग एनीमिया, कुपोषण और उच्च-रक्तचाप, स्ट्रोक जैसी घातक बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। यह खुलासा हरियाणा निरोगी योजना के तहत दो साल के टेस्ट में सामने आए हैं। अब तक की जांच में 19786 बीमारियां सामने आई हैं। हरियाणा निरोगी योजना में पंचकूला पहले स्थान पर है, जहां 80 फीसदी लोगों की जांच हुई है। इसमें अब तक 2.26 लाख लोगों की जांच की गई है। इसमें कुल 2.81 लोगों की जांच की जानी है।
हरियाणा निरोगी योजना पंचकूला की जिला नोडल ऑफिसर डॉ. मनकीरत मुरारा ने बताया कि बदलती जीवनशैली के बाद लोगों को इस तरह की बीमारियां हो रही हैं। इसमें 1.80 लाख की इनकम वाले लोगों को कवर किया जा रहा है। इसमें सबसे ज्यादा एनीमिया के 12,468 मामले सामने आए हैं। इसमें सबसे अधिक गर्भवती महिलाएं और बच्चे सामने आए हैं। खानपान की सही डाइट नहीं लेने के कारण यह मामले सामने आए हैं। इसमें जानकारी के अभाव में समय पर टेस्ट नहीं कराने के कारण लोगों को बीमारी का पता नहीं चल पता है। अब इस कार्यक्रम के तहत कैंप लगाकर जगह-जगह पर चेकिंग की जा रही है। निरोगी की ओपीडी में लोगों का टेस्ट सेक्टर-6 सिविल अस्पताल में निशुल्क किया गया है। इसके साथ ही टीम घर पहुंचकर इलाज के साथ दवाइयां भी दे रही है।
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लोगों को स्वस्थ रखने के लिए यह कार्यक्रम लगातार चलाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि एनीमिया की बीमारी के बाद इन मरीजों का इलाज चल रहा है। इसके अलावा 3664 लोगों में लोगों में उच्च रक्तचाप के मामले सामने आए हैं। शुगर के मरीज भी 2156 सामने आए हैं। निरोगी हरियाणा की नोडल ऑफिसर ने बताया कि लोग बीमारी के लक्षण मिलने के बाद टेस्ट कराने में डर रहे हैं। इस कारण इस तरह के हालात पैदा हो रहे हैं। अगर लोग समय पर इलाज कराने आएंगे तो समय पर उनकी बीमारी चिन्हित होने के बाद इलाज सही तरीके से किया जा सकेगा।

केस -1
एनीमिया के बाद इलाज मिला
इंदिरा कॉलोनी की 26 वर्षीय गर्भवती महिला ने बताया कि दो माह पहले एनीमिया की बीमारी सामने आई। इसमें विभाग ने काउंसिलिंग करने के साथ दवा और डाइट की बात बताई। इसका पूरी तरह से पालन करने के बाद हालात ठीक हुए हैं। डॉक्टरों की जांच में यह बात सामने आने के बाद इलाज हुआ।

केस -2
शुगर सामने आने के बाद एहतियात बरती
कोट गांव निवासी 45 वर्षीय व्यक्ति ने बताया कि बीमारी के बाद लगातार कमजोरी बनी हुई थी। निरोगी की टीम ने टेस्ट किया तो इसके बाद बढ़ी शुगर का दवा से कंट्रोल हुआ। बाहर के खाने-पीने की चीजों पर नियंत्रण के बाद अब राहत है।
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इन बीमारियों के मिले मरीज
एनीमिया- 12,468
उच्च रक्तचाप -3664
शुगर- 2156
कुपोषित बच्चे- 258
हृदय रोग- 73
स्ट्रोक - 19
अन्य बीमारियां - 1095
कुल बीमारियां - 19786
कुल लोगों के कराए गए टेस्ट 19786
कुल टेस्ट लोगों की संख्या - 226061
कुल लोगों के किए गए टेस्ट -1620601

लोगों के स्वास्थ्य को ठीक रखने के उद्देश्य से यह टेस्ट शुरू किए गए। अब टेस्ट के बाद लोगों का समय पर इलाज हो रहा है। कई बार इलाज समय पर होने से लोगों की बीमारी नहीं बढ़ती है। इसलिए लोगों को टेस्ट जरूर कराने चाहिए, जिससे कि उनका समय पर इलाज हो सके। - डॉ. मनकीरत मुरारा, नोडल ऑफिसर, हरियाणा निरोगी पंचकूला
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