चंडीगढ़। यूटी प्रशासन की ओर से कोरोना के मरीजों के इलाज के लिए तय दर से अधिक पैसे वसूलने वाले अस्पताल अब उन मरीजों को बुलाकर राशि लौटा रहे हैं। निजी अस्पतालों ने अब तक 16 मरीजों के अतिरिक्त शुल्क लौटाए हैं। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन उन पर कार्रवाई करने की बजाय सबक सिखाने में संतुष्ट दिख रहा है। प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि महामारी केइस दौर में अस्पतालों पर कार्रवाई करने से मरीजों को कोई लाभ नहीं होगा, जबकि पैसे वापस मिलने से मरीज व उनके तीमारदार भी संतुष्ट हैं। वहीं, कुछ लोगों ने शिकायत भी वापस ले ली है।
इनके खिलाफ मिली थी शिकायत
शहर के सिटी हास्पिटल, संतोख हॉस्पिटल, ईडन हॉस्पिटल, केयर हॉस्पिटल, मुकट हॉस्पिटल और हीलिंग हॉस्पिटल के खिलाफ अतिरिक्त पैसे वसूलने की शिकायत मिली थी।
हीलिंग अस्पताल को पैसे लौटाने का दिया था आदेश
यूटी प्रशासन ने हीलिंग अस्पताल को कोरोना मरीज से लिए गए ज्यादा पैसे लौटाने का आदेश दिया है। शिकायत केअनुसार अस्पताल ने मरीज से 91 हजार के बिल की जगह 3.69 लाख रुपये लिए थे। प्रशासन ने अस्पताल को अतिरिक्त वसूले गए 2.78 लाख रुपये लौटाने का आदेश दिया था।
28 लोगों ने दी है शिकायत
प्रशासन की ओर से तय शुल्क से ज्यादा पैसे वसूलने को लेकर स्वास्थ्य विभाग के पास अब तक 28 मरीजों की शिकायत आ चुकी है। लिखित शिकायत को संज्ञान में लेकर स्वास्थ्य विभाग निजी अस्पतालों को कारण बताओ नोटिस भी जारी कर चुका है। इसके बाद निजी अस्पताल संचालक गलती सुधारने का मौका मांग रहे हैं।
कानूनी कार्रवाई का फायदा नहीं
जांच टीम में शामिल प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि निजी अस्पतालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने से मरीजों को कोई लाभ नहीं मिलेगा, क्योंकि इस संबंध में कानूनी सलाहकार से भी सलाह-मशविरा किया जा चुका है, इसलिए प्रयास किया जा रहा है कि अस्पताल सभी मरीजों को उनकेपैसे वापस कर दें। ऐसा करने से मरीजों को भी राहत मिलेेगी और अस्पताल संचालक भी सबक लेंगे।
कोट-
मरीजों की शिकायत केआधार पर रिपोर्ट तैयार कर प्रशासन को सौंपी जा चुकी है। जहां तक कार्रवाई की बात है तो ज्यादातर निजी अस्पताल संचालक खुद ही मरीजों के पैसे वापस कर रहे हैं।
डॉ. अमनदीप कंग, स्वास्थ्य निदेशक