चंडीगढ़। पोस्ट कोविड के केस में ब्रेन स्ट्रोक का खतरा सामान्य लोगों की तुलना में ज्यादा रहता है। इसलिए ऐसे लोगों को ज्यादा सचेत रहने की जरूरत है। यह जानकारी न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. विवेक गुप्ता ने शुक्रवार को प्रेस क्लब में दी। उन्होंने बताया कि अब ब्रेन स्ट्रोक के मामले में 4.30 घंटे की बजाय 24 घंटे तक इलाज कराने का मानक लागू हो गया है, इसलिए लक्षण दिखने के बाद देरी किए बिना तत्काल संबंधित डॉक्टर केपास जाएं और इलाज कराएं। क्योंकि ब्रेन स्ट्रोक के मामले में एक मिनट में दिमाग की 18 लाख टिश्यू नष्ट होते हैं, इसलिए इसमें एक-एक मिनट बहुत कीमती होता है। ब्यूरो