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सोलर बिजली से निगम को हर साल मिलेगा 41.66 लाख रुपये

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चंडीगढ़। नगर निगम सेक्टर-39 में चंडीगढ़ रिन्युअल एनर्जी साइंस एंड टेकभनोलॉजी प्रमोशन सोसाइटी (क्रेस्ट) के साथ मिलकर बड़े पैमाने पर सोलर पैनल लगवाने जा रहा है। सोलर पैनल से हर साल 28 लाख किलोवाट बिजली पैदा होगी। 4.96 रुपये प्रति किलोवाट के हिसाब से हर साल एक करोड़ 38 लाख 88 हजार का राजस्व मिलेगा। इस राजस्व में 97 लाख 21 हजार 600 रुपये प्रशासन और 41 लाख 66 हजार 400 रुपये निगम का हिस्सा होगा।
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अधिकारियों ने बताया कि इस पूरे प्रोजेक्ट को क्रेस्ट लगाएगा। निगम को सेक्टर-39 वाटर वर्क्स में जगह देनी है। इस योजना में निगम को बिजली में रिबेट मिलेगी, दूसरी ओर राजस्व भी आएगा। क्रेस्ट के साथ अनुबंध में तय होगा कि राजस्व की 70 प्रतिशत हिस्सेदारी प्रशासन और 30 प्रतिशत हिस्सेदारी निगम की होगी। सौर ऊर्जा से बनने वाली बिजली ‘क्लीन एंड ग्रीन एनर्जी’ होती है। इससे कोई प्रदूषण नहीं होता है। केंद्र सरकार से मिले निर्देश के अनुसार सभी सरकारी व निजी इमारतों पर सोलर पैनल लगाए जाने थे। इसी आधार पर निगम एजेंडा तैयार कर 31 अगस्त को सदन के सामने रखेगा। वहां से अनुमति मिलने पर काम शुरू होगा।
सभी सामुदायिक केंद्र व बिजली पोल पर लगेंगे सोलर पैनल
सौर ऊर्जा का बेहतर उपयोग करने के उद्देश्य से निगम आगे और भी योजना बना रहा है। इसमें सभी सामुदायिक केंद्र के छतों पर सोलर पैनल लगवाना है। वहीं, स्ट्रीट लाइटों को भी सोलर एनर्जी से ही संचालित करने की योजना है। इससे तरफ निगम को राजस्व मिलेगा, वहीं दूसरी ओर बिजली के बिल में कमी आएगी। अभी निगम का करोड़ों रुपये का बिजली का बिल आता है।
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शिक्षा विभाग की पूरी बिजली का खर्चा आता है सौर ऊर्जा से
शहर के 92 स्कूलों पर 5395 किलोवाट के सोलर पैनल लगाए गए हैं। इनसे हर साल 70 लाख किलोवाट यूनिट बिजली पैदा होती है। इस कदम से एक तरफ शिक्षा विभाग का बिजली का बिल शून्य हो गया है, वहीं 26 लाख 26 हजार यूनिट बिजली ग्रिड को दे देते हैं। इससे 1.31 करोड़ रुपये का राजस्व भी मिलता है।
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