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गवर्नर का करीबी बताकर महिला ने दंपत्ति से ठगे 87 लाख रुपये

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खुद को राज्यपाल का करीबी बताकर महिला ने दंपती से ठगे 87 लाख
सबहेड
बूथ और व्यावसायिक संपत्ति के दोबारा आवंटन के नाम पर लिए रुपये
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पुलिस ने अदालत में किया पेश, दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा
संवाद न्यूज एजेंसी
चंडीगढ़। खुद को पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक का करीबी बताकर एक महिला द्वारा मोहाली के दंपती से ठगी का मामला सामने आया है। सेक्टर-51 में बूथ और व्यावसायिक संपत्ति के पुन: आवंटन के नाम पर महिला ने दंपती से 87 लाख रुपये ठग लिए। आर्थिक अपराध शाखा ने सेक्टर-49 निवासी मंजीत कौर को गिरफ्तार कर बुधवार को जिला अदालत में पेश किया। पुलिस ने अदालत को बताया कि महिला के खिलाफ एक करोड़ तीस लाख रुपये की धोखाधड़ी की एक अन्य शिकायत भी आई है। इसके अलावा एक अन्य मामले में उसके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हो चुकी है। अदालत ने महिला को दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
मामले में पीड़ित के वकील शिव मूर्ति यादव ने कहा कि आरोपी महिला अपने आपको राज्यपाल के करीबी के साथ हाउसिंग बोर्ड अलॉटमेंट कमेटी की सदस्य बताती थी। साथ ही दावा करती थी कि अलॉटमेंट की प्रक्रिया उसके हाथ में है और उसे इसके लिए उसे राज्यपाल से अनुमति मिली हुई है। पुलिस रिमांड पर महिला से फर्जी पहचान पत्र, कमेटी का सदस्य बताने वाले दस्तावेज, अलॉटमेंट प्रक्रिया की अनुमति के दस्तावेज हासिल करने में आसानी होगी। सूत्रों की मानें तो महिला राजनीतिक दलों में बड़े पदों पर भी रह चुकी है।
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आरोपी के पास मिला हाउसिंग बोर्ड अलॉटमेंट कमेटी का पहचान पत्र
पीड़ित दंपती ने शिकायत में बताया था कि आरोपी महिला ने उन्हें सेक्टर-51 में तीन बूथों के पुन: आवंटन का झांसा दिया था। आरोपी ने दंपती को एमआईजी फ्लैट सीनियर सिटीजन कोटा से दिलवाने की बात कही और विश्वास दिलाने के लिए चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के कई अफसरों से मुलाकात कराने का वादा भी किया था। तीन बूथों की कीमत 31 मार्च 2020 से पहले जमा करानी थी। रकम जमा करवाने के लिए मनजीत कौर ने अपना पंजाब एंड सिंध बैंक का खाता नंबर दिया था और कहा था कि हाउसिंग बोर्ड ने दक्षिण सेक्टरों में जब्त की गई संपत्ति को फिर से आवंटित करने का जिम्मा उसे सौंपा है, इसलिए पैसे उसके खाते में ही जमा करवाए जाएं। जब दंपती ने अपने को ठगा हुआ महसूस किया तो पुलिस में शिकायत दी। एफआईआर के अनुसार, मनजीत कौर के पास चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड की अलॉटमेंट कमेटी का पहचान पत्र भी था, जिसे दिखाकर वह लोगों को विश्वास में लेकर ठगती थी।
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राज्यपाल के नाम पर पहले भी हो चुकी है धोखाधड़ी
इससे पहले बीते फरवरी माह में एक व्यक्ति ने अपने आप को राज्यपाल का निजी सचिव बताकर कई ठेकेदारों से लाखों रुपये कर शराब ले ली थी। इसके साथ ही आरोपी ने राज्यपाल के नाम पर ही महंगे कपड़े व अन्य सामान भी शोरूम से खरीद लिया था। शिकायत के बाद सेक्टर 17 थाना पुलिस ने आरोपी को रंगेहाथ पकड़ा था।
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