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संजीव महाजन ही मुख्य साजिशकर्ता, मालिक को बर्बाद करने में नहीं छोड़ी कसर : पुलिस

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सेक्टर-43‌ स्थित जिला अदालत में शुक्रवार को पेशी के बाद संजीव महाजन (हरी टी शर्ट) को बाहर लेकर आती पु - फोटो : CHANDIGARH
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चंडीगढ़। सेक्टर-37 में करोड़ों की कोठी पर कब्जा करने और मालिक को अगवा करने के मामले में गिरफ्तार पत्रकार संजीव महाजन, प्रॉपर्टी डीलर मनीष गुप्ता और डीएसपी रामगोपाल के भाई सतपाल डागर को पुलिस ने शुक्रवार को अदालत में पेश किया। पुलिस ने अदालत में पत्रकार संजीव महाजन को इस पूरे मामले का मुख्य साजिशकर्ता बताया। साथ ही कहा कि कोठी को हड़पने और उसके मालिक राहुल मेहता को बर्बाद करने में उसने कोई कसर नहीं छोड़ी। पुलिस ने अदालत को यह भी बताया कि संजीव महाजन पूछताछ के दौरान सहयोग नहीं कर रहा, जबकि उसे बाकी आरोपियों के ठिकाने के बारे में पता है।
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अदालत में पुलिस ने कहा कि आरोपी सतपाल डागर और संजीव महाजन को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करनी है ताकि पता चल सके कि कोठी को बेचने के बाद जो रकम मिली थी, उसके कितने हिस्से हुए और किसको कितनी रकम मिली। इस सनसनीखेज मामले की तह तक पहुंचने के लिए संजीव महाजन व उसके साथियों का सात दिन का और रिमांड लेना होगा। इस दौरान संजीव महाजन की तरफ से अदालत में एक आवेदन दायर किया गया, जिसमें उसके वकील तरमिंदर सिंह ने कहा कि पुलिस ने शिकायतकर्ता से आरोपियों की पहचान नहीं करवाई है। ऐसे में यह कैसे साबित होगा कि राहुल मेहता जिस संजीव का नाम ले रहा है, वह यही है। वकील ने कहा कि पुलिस ने बिना शिनाख्त परेड कराए ही महाजन की तस्वीरें मीडिया को दे दीं। इससे उसकी पहचान उजागर हो गई है। एडवोकेट तरमिंदर सिंह ने कहा कि उन्हें सोशल मीडिया से पता चला कि आरोपी अरविंद सिंगला को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यदि उसे पकड़ रखा है तो पुलिस ने उसे कोर्ट में क्यों नहीं पेश किया। इस पर पुलिस ने कहा कि उन्होंने अभी तक अरविंद सिंगला को गिरफ्तार नहीं किया है।
वहीं, सतपाल डागर की तरफ से पेश हुए एडवोकेट विशाल गर्ग नरवाणा ने कहा कि न तो सेल डीड में सतपाल का नाम है और न ही इस डील से उसे कोई फायदा हुआ। पुलिस ने सिर्फ उसे फंसाया है। सभी दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपियों का चार दिन का रिमांड मंजूर कर लिया। इससे पहले संजीव व मनीष तीन दिन के पुलिस रिमांड पर थे। आरोपियों से पूछताछ के दौरान पुलिस को कई अहम जानकारियां मिली हैं। पुलिस ने अदालत को बताया कि आरोपियों ने कोठी मालिक राहुल मेहता को इतना ज्यादा प्रताड़ित किया कि वह आश्रम में रहने के लिए मजबूर हो गया।
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कोठी की जीपीए के बाद संजीव की संपत्ति में बेतहाशा वृद्धि
पुलिस ने अदालत को बताया कि कोठी के असली मालिक राहुल मेहता की जनरल पावर ऑफ अटार्नी (जीपीए) जब खलेंद्र सिंह कादियान व अरविंद सिंगला के बीच ट्रांसफर हुई तब से मामले के मुख्य आरोपी संजीव महाजन की संपत्ति में बेतहाशा वृद्धि हुई है। कई जगह उसने करोड़ों रुपये की प्रापर्टी खरीदी और 30 लाख रुपये की लग्जरी कार खुद व पत्नी के नाम पर खरीदा। ध्यान देने वाली बात यह है कि संजीव ने सारे लेन-देन बैंक की बजाय कैश में किए हैं। बैंक में लेनदेन का कहीं भी जिक्र नहीं है।
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चार दिन के रिमांड में पुलिस अब इन सवालों के जवाब पूछेगी
सेल डीड के दौरान राहुल मेहता की जगह किस व्यक्ति को पेश किया?
सेक्टर -37 की कोठी के अलावा और कितनी संपत्तियों को साजिश की तहत बेचा या कब्जा किया?
संजीव महाजन ने इतने कम समय में इतनी संपत्तियां कैसे बनाईं?
कोठी के सभी कागजात कहां हैं?
संजीव महाजन की पत्नी के खाते में हर माह फार्मा कंपनी से पैसे क्यों आते थे?
मामले में शामिल अन्य आरोपी कहां छुपे हुए हैं?
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