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केसों का निपटारा करने में चंडीगढ़ उपभोक्ता फोरम बनी देश में नंबर वन, जानिए कैसे उठाएं फायदा

Sun, 15 Mar 2020 02:13 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला, चंडीगढ़
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कंज्यूमर फोरम - फोटो : फाइल फोटो
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उपभोक्ता के हितों की सुरक्षा में राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग और फोरम देश में सबसे आगे हैं। यहां औसतन छह महीने में ही केसों का निपटारा कर दिया जाता है। फोरम की निपटान दर 97 प्रतिशत से भी अधिक है, जो देश में सबसे ज्यादा है। इसके बाद केरल का नंबर आता है। शहर में रोजाना औसतन 18 केस दाखिल होते हैं।
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सेक्टर-19 स्थित राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग और जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम में कई तरह की शिकायतें आ रही हैं। इनमें प्रॉपर्टी, बीमा और बैंकिंग से जुड़े मामले अधिक हैं। ऑनलाइन शॉपिंग व साइबर धोखाधड़ी के मामलों की संख्या भी बढ़ रही है।

चंडीगढ़ में साल 1989 में उपभोक्ता आयोग के फोरम का गठन हुआ था। 30 सितंबर, 2019 तक राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में कुल 24,268 मामले आए हैं जिनमें 23,214 मामलों का निपटारा किया जा चुका है। केसों की निपटान दर 95.66 प्रतिशत है। वहीं, जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम- एक और दो को मिलाकर कुल 63,108 मामले आए हैं। इनमें से 61,413 केसों का निपटारा भी हो चुका है। निपटान दर 97 प्रतिशत है। यह देश में सबसे ज्यादा है।
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राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग

वर्ष दायर केस केस का निपटारा साल के अंत तक लंबित केस
2015 1047 895 253
2016 2216 1919 550
2017 2941 2747 744
2018 1965 2068 641
30 नवंबर 2019 तक 2107 1694 1054
(स्त्रोत: सीएससीडीआरसी की वेबसाइट, आंकड़े 30 नवंबर, 2019 तक)

उपभोक्ता फोरम
वर्ष दायर केस केस का निपटारा साल के अंत तक लंबित केस
2015 2178 2087 1362
2016 2832 2524 1670
2017 2438 2636 1472
2018 1982 2217 1237
30 नवंबर 2019 तक 2742 2284 1695
(स्त्रोत: सीएससीडीआरसी की वेबसाइट, आंकड़े 30 नवंबर 2019 तक)

कहां करें केस

राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग
प्लॉट नंबर-5बी, सेक्टर-19बी, चंडीगढ़

ऐसे करें शिकायत
- नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन 1800-11-4000 या 0172-2700183 पर कॉल कर सकते हैं।
- वेबसाइट http://www.nationalconsumerhelpline.in/ पर लॉगइन करके भी कंप्लेंट रजिस्टर कॉलम में अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
- जिले के उपभोक्ता फोरम में जाकर लिखित शिकायत कर सकते हैं।
- सेक्टर-19 स्थित फोरम में एक सेंट्रलाइज्ड शिकायत केंद्र बनाया गया है, जहां पर केस फाइल करने संबंधी कोई भी जाकर हर तरह की जानकारी ले सकता है।

ऐसे दें लिखित शिकायत
एक सादे कागज पर निर्धारित वाद शुल्क के साथ खुद या वकील के जरिए फोरम में तीन कॉपी के सेट में शिकायत दाखिल कर सकते हैं। शिकायतकर्ता व विपक्षी का नाम, पता, शिकायत का कारण कब पैदा हुआ और मांगी गई क्षतिपूर्ति का विवरण भी प्रमाण के साथ देना जरूरी है। फोरम के पक्ष में पोस्टल ऑर्डर या डिमांड ड्राफ्ट के जरिए वाद शुल्क जमा होगा। दुकानदार, मैन्यूफैक्चर्स, डीलर या फिर सर्विस प्रोवाइडर के खिलाफ शिकायत की जा सकती है।

ये हैं जरूरी दस्तावेज
शिकायत के साथ कैश मेमो, रसीद की कॉपी, बिल, गारंटी या वारंटी कार्ड, कंपनी या दुकान पर की गई शिकायत का सबूत देना होगा।
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ऐसे तय करें अपना फोरम

20 लाख रुपये तक के मामले की शिकायत जिला उपभोक्ता फोरम। 20 लाख से 1 करोड़ रुपये के मामले में राज्य उपभोक्ता फोरम और 1 करोड़ रुपये से अधिक के प्रकरण में राष्ट्रीय उपभोक्ता फोरम, नई दिल्ली में शिकायत की जाएगी।

आर्थिक रूप से तय होगी फीस
- 5 लाख रुपये तक कोई फीस नहीं
- 5 से 10 लाख तक के लिए 200 रुपये।
- 10 से 20 लाख रुपये तक के लिए 400 रुपये।

(स्टेट कमीशन)
- 20 से 50 लाख तक के लिए 2000 रुपये।
- 50 से 1 करोड़ तक के लिए 4000 रुपये।

(नेशनल कमीशन)
- 1 करोड़ से अधिक रुपये के लिए 5000 रुपये।
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