चंडीगढ़। परिवहन विभाग ने ट्राइसिटी रूट पर चलने वाली 358 बसों में इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम (आईटीएस) लागू कर दिया है। सेक्टर-43 के बस स्टैंड पर कमांड कंट्रोल सेंटर बनाया गया है। जहां से बसों पर नजर रखी जाएगी। मंगलवार को परिवहन विभाग के सचिव नितिन कुमार यादव, डीसी मनदीप सिंह बराड़, परिवहन निदेशक प्रद्युमन सिंह ने कमांड कंट्रोल सेंटर का दौरा किया।
सीटीयू के अधिकारियों ने परिवहन सचिव को आईटीएस प्रोजेक्ट व कमांड कंट्रोल सेंटर की कार्य प्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कमांड सेंटर से बसों की स्थिति और कैमरों से बसों के अंदर नजर रखी जा सकेगी। यात्री बस के अंदर लगी स्क्रीन पर रूट और अगला गंतव्य देख सकेंगे। जिस जगह उतरना है, उसकी जानकारी भी स्क्रीन से मिलेगी। आपातकालीन अलार्म की सुविधा भी होगी। बसों की कनेक्टिविटी बस स्टॉप से होगी, जिससे लोगों को रियल टाइम मिल सकेगा कि कितनी देर में बस स्टॉप पर पहुंचेगी। यह सब कुछ एक मोबाइल एप के माध्यम से होगा।
इसके अलावा सभी बस स्टॉप पर इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले लगाए गए हैं, ताकि बसों के आने के सही वक्त का पता लगे। बसों में जीपीएस इंस्टाल किया गया है, जिससे यह बसें ट्रैक की जा रही हैं। बस ड्राइवरों को एसएमएस की सुविधा दी गई है, ताकि वह अपने निकलते वक्त की जानकारी दे सकते हैं। इसकी निगरानी सीटीयू के सेंट्रल सिस्टम से की जाएगी। दिल्ली मेट्रो की तर्ज पर स्मार्ट बस पास कार्ड भी बनाए गए हैं। केवल यात्रियों को ही नहीं बल्कि सीटीयू प्रबंधकों को भी कई फायदे होंगे। जैसे डिपो में स्थित कुल बसों के रूट की पूरी समय सारिणी का पता चल सकेगा। कितनी बसें रूट पर हैं और कितनी खाली खड़ी हैं, यह भी जाना जा सकेगा। बस व इसके कंडक्टर-ड्राइवर को कौन सी बस व रूट मिला है, ये भी पता चल सकेगा।