चंडीगढ़। सेक्टर-37 में करोड़ों की कोठी कब्जाने के मामले में फरार 50 हजार के इनामी सौरभ गुप्ता ने भी मंगलवार को अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। सौरभ पर राहुल मेहता की कोठी को खरीदने का आरोप है। वह 140 दिन से फरार चल रहा था। पुलिस उसे पकड़ने में नाकाम रही। दूसरी ओर, इसी मामले के आरोपी संजीव महाजन और इंस्पेक्टर राजदीप सिंह को चार महीने बाद भी जमानत नहीं मिली। दोनों की याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई, लेकिन अदालत ने जमानत देने से इनकार कर दिया।
मंगलवार दोपहर एसआईटी को सूचना मिली कि सौरभ गुप्ता ने सेक्टर-43 स्थित जिला अदालत में आत्मसमर्पण किया है। एसआईटी मौके पर पहुंची और सौरभ को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। एसआईटी ने अदालत में दलील दी कि आरोपी से कोठी प्रकरण के बारे में पूछताछ करनी है। दलील सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया। एसआईटी अब सौरभ से पूछताछ कर रही है कि फरार होने के दौरान उसकी किस-किस ने मदद की है। सूत्रों के मुताबिक, उसने पंजाब के अलग अलग हिस्सों में अपना ठिकाना बनाया हुआ था। तीन सप्ताह पहले सुप्रीम कोर्ट से आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका रद्द हो गई थी। इसके बाद से एसआईटी उसकी गिरफ्तारी को लेकर पंजाब, उत्तर प्रदेश समेत अलग-अलग राज्यों में छापे मार रही थी। इसी दबाव के चलते मंगलवार को आरोपी ने आत्मसमर्पण कर दिया।
अरविंद सिंगला समेत तीन आरोपियों ने किया था आत्मसमर्पण
गुरप्रीत सिंह उर्फ नकली राहुल मेहता ने 10 जून, शराब कारोबारी अरविंद सिंगला ने 11 जून और खलिंदर सिंह कादियान ने 26 जून को अदालत में आत्मसमर्पण किया था। आरोपी दो मार्च से फरार चल रहे थे। सभी की अग्रिम जमानत याचिका भी अदालत से खारिज हो चुकी थी। जिसके बाद पुलिस इन सभी के ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही थी।
राहुल मेहता की कोठी कब्जाने से जुड़ा है मामला
सेक्टर-37 की कोठी कब्जाने के मामले में बीते 2 मार्च को प्रदीप रतन की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई थी। शिकायत के बाद पत्रकार संजीव महाजन, शराब कारोबारी अरविंद सिंगला, प्रापर्टी डीलर अशोक अरोड़ा, कोठी खरीदार सौरभ गुप्ता, मनीष गुप्ता समेत अन्य पर मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद एसआईटी ने आरोपी संजीव महाजन, इंस्पेक्टर राजदीप सिंह, मनीष और सतपाल डागर को गिरफ्तार किया था। अभी पुलिस को अशोक अरोड़ा समेत एक अन्य की तलाश है।