चंडीगढ़। बेमौसम बारिश के बाद गेहूं की गुणवत्ता प्रभावित हुई है, जिस लेकर केंद्र सरकार की टीमों ने मंगलवार को भी पांच जिलों में गेहूं के सैंपल लिए। इन सैंपलों को जांच के लिए भेजा गया है जिसके नतीजे आने के बाद ही खरीद में छूट को लेकर फैसला लिया जा सकता है। इस बीच सरकारी खरीद एजेंसियों की संयुक्त समन्वय समिति ने भी गेहूं खरीद शुरू कर दी है।
सोमवार को होशियारपुर के साथ ही बाकी जिले में केंद्र की टीमें पहुंची और इस दौरान मंडियों में गेहूं को चेक किया गया और साथ ही सैंपल लेकर लैब में भेजे गए। इससे पहले पटियाला, जालंधर, फतेहगढ़ साहिब और रोपड़ में भी टीम सैंपल लिए जा चुके हैं।
इनकी रिपोर्ट के आधार पर ही कम गुणवत्ता वाली गेहूं की खरीद को लेकर मापदंड तय होंगे। संयुक्त समन्वय समिति सदस्य अश्वनी शर्मा ने बताया कि उन्होंने खरीद शुरू कर दी है लेकिन अधिक नमी और कम गुणवत्ता वाली गेहूं की खरीद फिलहाल नहीं की जा रही है। वर्तमान मानकों के अनुसार गेहूं में 12 प्रतिशत तक नमी स्वीकार्य है जबकि 14 प्रतिशत तक नमी होने पर कीमत में कटौती के साथ खरीद की जा सकती है। अब केंद्र की तरफ से किसी भी तरह की छूट के बाद ही वह अधिक नमी और कम गुणवत्ता वाली फसल की खरीद को लेकर अंतिम फैसला लेंगे।