कोविड-19 के संकट से निपटने के लिए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को शहरी इलाकों में तत्काल राहत देने के लिए 14वें वित्त आयोग की ग्रांटों के उपयोग संबंधी शर्तों में संशोधन करने की अपील की है।
केंद्रीय वित्त मंत्री से निजी दखल की मांग करते हुए कैप्टन ने उन्हें सलाह दी कि आवास एवं शहरी मामलों और पंचायती राज मंत्रालयों को इस संबंध में तुरंत कार्रवाई करने को कहा जाए, ताकि उक्त ग्रांट राशि का शहरी स्थानीय इकाइयों और पंचायती राज संस्थाओं द्वारा फिट चार्ज के तौर पर गरीब वर्गों के लिए आपातकालीन राहत (दवाएं, भोजन आदि) बरतने का उपबंध किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में तालाबंदी के कारण शहरों और गांवों में लोगों को पेश आ रही मुश्किलों को घटाने के लिए शहरी इकाईयों और पंचायती संस्थाओं को 14वें वित्त आयोग द्वारा प्राप्त ग्रांट बरतने की इजाजत देनी चाहिए। एक पत्र में कैप्टन ने कहा कि पंजाब सरकार ने हाल ही में शहरी इलाकों में जरूरतमंदों की सहायता के लिए यह फंड बरतने के लिए शहरी स्थानीय इकाइयों को आज्ञा दी है।
राज्य के केस की पैरवी करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के स्रोतों पर बोझ और तनाव कम करने और जमीनी स्तर पर तुरंत अपेक्षित राहत प्रदान करने के लिए शहरी स्थानीय इकाइयां और पंचायतें, दोनों को दवाएं, खाद्य आदि पदार्थों के लिए इमरजेंसी राहत की आज्ञा देनी चाहिए।
केंद्रीय वित्त मंत्री को 28 मार्च को लिखे अपने पत्र को जारी करते हुए कैप्टन ने सीतारमण से कहा है कि यह ग्रांटें भारत सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार इस्तेमाल की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा शहरी और ग्रामीण स्व-सरकारी संस्थाओं के पास इस्तेमाल न किए गए फंड पड़े हैं जिन्हें गरीबों, पीड़ितों और झोंपड़ियां आदि स्थानों में रहने वाले लोगों के लिए भोजन, दवाएं आदि की राहत के लिए तुरंत इस्तेमाल किया जा सकता है।