कहा- हरियाणा, हिमाचल, पंजाब, उत्तराखंड, जेएंडके और लद्दाख के फिल्मकारों को मिलेगा लाभ
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सेंसर बोर्ड) का क्षेत्रीय सुविधा कार्यालय चंडीगढ़ में खोला जाएगा। यह घोषणा केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने रविवार को पंचकूला में की। सेक्टर-5 स्थित इंद्रधुनुष ऑडिटोरियम में पांचवें चित्र भारती फिल्मोत्सव के समापन समारोह में बतौर मुख्यातिथि पहुंचे थे।
उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ में केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड का क्षेत्रीय सुविधा केंद्र खुलने से पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड के फिल्मकारों को विशेष लाभ मिलेगा। क्षेत्रीय सिनेमा उद्योग से जुड़े लोग लंबे समय से इसकी मांग कर रहे थे। इससे पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने फिल्म फेस्टिवल में ज्यूरी द्वारा चयनित विभिन्न श्रेणी के विजेता फिल्मकारों को ट्रॉफी, नकद पुरस्कार के चेक एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार फिल्म जगत को पायरेसी मुक्त करने के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में कई कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। इसके लिए हाल ही में संसद में एक कानून भी पारित किया गया है। इसके तहत पायरेसी करने वालों पर लाखों रुपये के जुर्माने के साथ जेल का भी प्रावधान किया गया है। पायरेसी की समस्या से निपटने के लिए देश में 12 विशेष अधिकारियों की नियुक्ति भी की गई है। कहा कि अब फिल्मकारों को फिल्म प्रमाणन के लिए केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं है। ऑनलाइन माध्यम से ही प्रमाणपत्र प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि डीएवीपी के लिए भी पोर्टल लांच किया गया है। इसके जरिए ऑनलाइन बुकिंग व भुगतान किया जा सकेगा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पहले समाचारपत्रों, पत्रिकाओं के पंजीकरण के लिए दो-दो साल का इंतजार करना पड़ता था, अब केंद्र सरकार ने इस प्रक्रिया को सरल बना दिया है। अब केवल दो महीने में समाचारपत्र, पत्रिकाएं टाइटल प्राप्त कर सकेंगी और प्रकाशन का कार्य जल्द से जल्द आरंभ हो सकेगा। अनुराग ठाकुर ने फिल्मकारों से आह्वान किया कि वह भारत को कंटेंट कॉन्टिनेंट और कंटेंट हब बनाने की दिशा में कार्य करें। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने साइंस और सनातन के क्षेत्र में अभूतपूर्व तरक्की की है। आईआईएमसी को डिम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा दिया गया है। भारतीय सिनेमा की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि हमारे सिनेमा ने विश्व में अपनी एक अलग छाप छोड़ी है। प्रतिवर्ष दुनिया में 2500 फिल्में बनती हैं, जिनमें से 50 प्रतिशत फिल्मों का निर्माण भारत करता है। कोविड के समय में जब मनोरंजन का कोई साधन नहीं था दूरदर्शन द्वारा रामायण के प्रसारण ने दर्शकों की रिकॉर्ड रेटिंग दर्ज की। उन्होंने कहा कि सिनेमा मनोरंजन का साधन हीं नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने का भी एक प्रभावी माध्यम है।भारतीय सिनेमा की यह भी जिम्मेदारी है कि देश की कला, संस्कृति और संस्कारों को किस रूप में दुनिया को दिखाया जाए ताकि देश पुनः विश्व गुरु बने।
इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डा. मनमोहन वैद्य, फिल्म अभिनेत्री ईशा गुप्ता, फिल्म निर्देशक विपुल शाह, अमित राय, पंजाबी गायक पम्मी बाई, विधि विश्वविद्यालय सोनीपत की कुलपति डा. अर्चना मिश्रा, नरेंद्र ठाकुर, हब्बी धालीवाल, पंजाब की लोक गायिका सुक्खी बराड़, रेणु भाटिया, अतुल गंगवार, आयोजन समिति के कार्यकारी अध्यक्ष राजेश कुमार, सचिव सुरेंद्र यादव, सह प्रायोजक डीबीजी टेक्नोलाजी (इंडिया) प्राईवेट लिमिटेट के कार्यकारी निदेशक अभिषेक गर्ग, एवीपीएल के दीप सिहाग, एमएम के संस्थापक डा. एश्वर्य महाजन सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
फिल्मोत्सव ने पंचकूला को दी अलग पहचान : ज्ञानचंद गुप्ता
हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने कहा कि इस फिल्मोत्सव ने पंचकूला को एक अलग पहचान दी है। फिल्में देश को नई दिशा देने का काम करती हैं। इस क्षेत्र में काम करने वाले फिल्मकारों और तमाम विधाओं से जुड़े कलाकारों को चाहिए कि वे युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कार्य करें। उन्होंने आशा व्यक्ति की कि देश की एकता और अखंडता के लिए फिल्मकार अपनी भूमिका निभाएंगे। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम में हरियाणा और पंजाब की संस्कृति को प्रस्तुत करने वाले लोक गीत संगीत ने लोगों का जमकर मनोरंजन किया। वहीं रवि कुनूर और उनके साथी कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी।
शॉर्ट फिल्म अवतरी को मिला अवॉर्ड
कैंपस (एनपी) शार्ट फिल्मों की श्रेणी में विजेता फिल्म आपकी सुरक्षा आपकी जिम्मेदारी के लिए नीतीश कुमार, कैंपस (एनपी) डॉक्यूमेंटरी फिल्मों की श्रेणी में मिठाई मोहब्बत और दिल्ली की दास्तां के लिए कुकू वर्मा, कैंपस शार्ट फिल्म (प्रोफेशनल) में फिल्म आईना के लिए सारंगी समिथा कृष्ण कुमार, कैंपस (प्रोफेशनल) डॉक्यूमेंटरी फिल्मों की श्रेणी में नेक्स्ट स्टाक फोक म्यूजिक के लिए अश्वनी रंजन, बाल फिल्मों की श्रेणी फिल्म अंबारा के लिए प्रणय रमेश कुटांगले, डॉक्यूमेंटरी फिल्मों की श्रेणी में गोंड जनजाति की वीरांगना रानी दुर्गावती के लिए अनिल कुमार (इंदिरा गांधी नेशनल सेंटर फार द आर्ट्स) को ट्रॉफी, नकद पुरस्कार के चेक व प्रशस्ति पत्र दिए गए। शार्ट फिल्मों की श्रेणी में अवतरी के लिए सुबोध आनंद को विजेता का अवॉर्ड केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, प्रख्यात फिल्म अभिनेत्री ईशा गुप्ता, ओलंपियन योगेश्वर दत्त और भारतीय चित्र साधना के अध्यक्ष डा. बीके कुठियाला ने अवार्ड के साथ प्रशस्तिपत्र और पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया।