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Panchkula News: सीसीयू को नहीं मिल रही जमीन, धरातल पर कैसे उतरेगा 16 करोड़ का प्रोजेक्ट

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माई सिटी रिपोर्टर
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पंचकूला। मरीजों के बढ़ते दबाव को कम करने और सिविल अस्पताल को रेफरल सेंटर बनने से बचाने के लिए प्रस्तावित क्रिटिकल केयर यूनिट को दो साल बाद भी जमीन नसीब नहीं हो पाई है। करीब 16 करोड़ की अनुमानित लागत से 50 बेड का सीसीयू बनाया जाना है। विभागों की दो साल में करीब दस बैठकें होने के बावजूद प्रस्ताव धरातल पर नहीं उतर पाया है। फरवरी में हुई बैठक में अधिकारियों ने नक्शा तैयार करने पर सहमति जताई थी, लेकिन इसके बाद भी कोई प्रोग्रेस नहीं हुई है।
इस प्रोजेक्ट के जमीन पर नहीं उतरने की वजह सिविल अस्पताल में जमीन का न होना बताया जा रहा है। जमीन नहीं मिलने के कारण स्वास्थ्य विभाग नक्शा भी नहीं बना पाया है। वर्तमान में मदर केयर चाइल्ड की 11 मंजिला भवन बनने के बाद अब अस्पताल परिसर में पर्याप्त जगह नहीं है। इस वजह से पोस्टमार्टम हाउस को शिफ्ट करने के लिए भी पर्याप्त जगह नहीं है। केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग की टीम भी इस प्रोजेक्ट को लेकर दौरा कर चुकी है। अस्पताल प्रबंधन जमीन को लेकर अभी तक फैसला नहीं ले पाया है। इस कारण इसका अनुमानित बजट भी बढ़ता जा रहा है।
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यह है प्लानिंग
इस क्रिटिकल केयर यूनिट में गंभीर बीमारियों के अलावा रोड एक्सीडेंट, आगजनी जैसे हादसों में गंभीर मरीजों का इलाज करने की प्लानिंग है। इस ब्लॉक के निर्माण के लिए विभिन्न योजनाओं के तहत केंद्र सरकार 60 और राज्य सरकार 40 प्रतिशत का फंड उपलब्ध कराएगी। सीसीयू के 50 बेड में से दस बेड में आईसीयू, दस बेड में एचडीयू, 24 बेड का आइसोलेशन वार्ड, दाे बेड का डायलिसिस वार्ड, चार बेड का ट्रामा सेंटर होगा। हार्ट अटैक, कैंसर, हेड इंजरी, सड़क हादसों के गंभीर मामलों को हैंडल करने वाले विशेषज्ञ डॉक्टर्स का सेटअप भी यहां मौजूद रहेगा। बनने के बाद मरीजों के लिए यह सीसीयू वरदान साबित होगा लेकिन नक्शा बनाने को लेकर हरियाणा स्वास्थ्य विभाग ने फरवरी के बाद कोई भी बैठक नहीं की है, इसलिए काम आगे नहीं बढ़ सका है।





सिविल अस्पताल में बढ़ रही मरीजों की संख्या
सेक्टर-6 सिविल अस्पताल में रोजाना करीब चार हजार की ओपीडी है। क्रिटिकल केयर का ट्रामा सेंटर छह बेड का है। वह पूरी तरह से फुल है। वेंटिलेटर वार्ड 20 बेड का बनाया गया है। इसमें भी पंजाब, हरियाणा, हिमाचल और उत्तर-प्रदेश से मरीज रेफर होकर आते हैं। इस कारण जगह का अभाव रहता है। क्रिटिकल केयर यूनिट बनने के बाद राहत मिलेगी। वर्तमान में पांच से ज्यादा एक्सीडेंट सहित अन्य गंभीर मरीजों को रेफर करना पड़ता है।




अस्पताल में सीसीयू बनाए जाने का प्लान है। इसके लिए केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दौरा भी किया है। इसका काम हरियाणा स्वास्थ्य विभाग से करवाया जाएगा। - डॉ. मुक्ता कुमार, सीएमओ, सिविल अस्पताल सेक्टर -6
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क्रिटिकल केयर यूनिट को जल्द बनाने के लिए संबंधित विभागों के साथ बैठक कर पहले जमीन चिन्हित करेंगे। इसके बाद इसका जल्द निर्माण करवाया जाएगा। मरीजों को राहत देने के लिए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जरूरी कदम उठाया जाएगा। -जेएस पूनिया, महानिदेशक, हरियाणा स्वास्थ्य सेवाएं
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