चंडीगढ़। पूर्व सरपंच के साथ जाति सूचक गाली-गलौज करने के एक मामले में पंजाब पुलिस ने दो साल बाद आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। राज्य अनुसूचित जाति आयोग की जांच में खुलासा होने के बाद आयोग के हस्तक्षेप किए जाने पर पीड़ित पक्ष को न्याय मिल पाया है। पूर्व सरपंच ने 2018 में इस मामले की शिकायत फगवाड़ा तहसील में दी थी।
पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग की चेयरपर्सन तेजिंदर कौर ने बताया कि शिकायतकर्ता प्रकाश सिंह, जो कपूरथला जिले के फगवाड़ा तहसील अधीन गांव राणीपुर राजपूतों के पूर्व सरपंच है, ने आयोग के पास फरवरी 2018 में लिखित शिकायत की थी कि जब वह बतौर सरपंच गांव के विकास कार्यों को लेकर गांव में जाता था तो हरविंदर सिंह द्वारा हर बार उसे जाति सूचक बातें बोली जाती थीं। इस मामले की जांच पंजाब पुलिस और ब्यूरो ऑफ इंवेस्टिगेशन से करवाई गई थी, लेकिन इनकी तरफ से इस मामले में केस न दर्ज करने की सिफारिश की गई थी। इसकी पुष्टि डीए लीगल द्वारा भी की गई थी। तेजिंदर कौर ने बताया कि आयोग द्वारा फिर इस मामले की जांच आयोग के मेंबर श्रानचंद दीवाली को दी गई, जिनकी तरफ से सभी तथ्यों की जांच करने के उपरांत संबंधित जिला पुलिस को इस मामले में एससी/एसटी एक्ट 2015 की विभिन्न धाराओं के अधीन मामला दर्ज करने के लिए कहा गया था, जिस पर पुलिस द्वारा मामला दर्ज कर लिया गया है।