पंचकूला। ब्याज पर तीन लाख रुपये देने के एवज में लिए गए ब्लैंक चेक सहित अन्य कागजातों का गलत इस्तेमाल करने का एक मामला सामने आया है। जीरकपुर निवासी की शिकायत पर सेक्टर-5 थाने में अनिल भल्ला, उसके बेटे आकाश भल्ला और रोहित बैंस के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। जीरकपुर निवासी तेजिंदर सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 2021 की शुरूआत में कोविड की वजह से आर्थिक मंदी का सामना करना पड़ा था। उस दौरान उन्हें पैसों की जरूरत थी।
उसके दोस्त हरविंदर ने अनिल भल्ला और उसके बेटे आकाश भल्ला के बारे में उन्हें बताया। बताया कि दोनों कम ब्याज में पैसा देते हैं। इसके बाद हरविंदर ने शिकायतकर्ता को अनिल भल्ला और उसके बेटे आकाश भल्ला से जीरकपुर के एक होटल में मिलवाया। मई 2021 को शिकायतकर्ता और आरोपियों की हुई मुलाकात में डील पक्की हुई और शिकायतकर्ता ने आरोपी से तीन लाख रुपये ब्याज पर देने को कहा। डील के अनुसार आरोपी 2 से 3 प्रतिशत ब्याज पर पैसा देने की बात कही हुई।
साथ ही 12 हजार रुपये फाइल चार्ज भी मांगी थी। आरोपियों ने शिकायतकर्ता को तीन लाख रुपये दिए, लेकिन उसमें से फाइल चार्ज के 12 हजार और मई, जून माह का ब्याज 18000 रुपये काटकर 2.70 लाख रुपये दिए। साथ ही आरोपी ने शिकायतकर्ता से पांच साइंड ब्लैंक चेक, कुछ साइंड ब्लैंक पेपर और कुछ लिखित कागजात पर साइन करवाकर ले लिया। पैसा लौटाने के बाद सारे चेक और कागजात वापस करने की बात कही।
ब्याज की राशि तीन से 10 प्रतिशत प्रति महीना कर दी
शिकायतकर्ता ने दी शिकायत में बताया कि आरोपियों ने जुलाई माह में ब्याज की राशि तीन प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत कर दी। शिकायतकर्ता को 10 प्रतिशत के अनुसार प्रति माह ब्याज का पैसा देने को कहा। शिकायतकर्ता ने जब आरोपियों के गलत रवैये पर सवाल उठाया तो आरोपियों ने शिकायतकर्ता को जान से मारने की धमकी दी। यहां तक कि पैसा नहीं देने पर शिकायतकर्ता को अंजाम भुगतने की बात कही। इस वजह से शिकायतकर्ता ने डरकर दो से तीन माह की ब्याज की राशि 10 प्रतिशत ब्याज के अनुसार भुगतान कर दिया। बाद में पैसा नहीं होने पर शिकायतकर्ता ने हाथ खड़े कर दिए।
तीसरे आरोपी के माध्यम से लीगल नोटिस भेजा
जब शिकायतकर्ता ने 10 प्रतिशत ब्याज की राशि के अनुसार प्रति महीने पैसा देने से मना कर दिया तो आरोपियों ने उसका ब्लैंक चेक तीसरे आरोपी रोहित बैंस को देकर उसे बैंक में लगवाया। बैंक में चेक बाउंस होने के बाद बैंस ने शिकायतकर्ता को लीगल नोटिस भेजा। इसके बाद शिकायतकर्ता ने मामले की शिकायत पुलिस में दी। पुलिस ने उसकी शिकायत पर तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।