कैप्टन अमरिंदर सिंह, ब्रह्म मोहिंदरा
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पंजाब में नगर निगमों के कमिश्नरों की सालाना एसीआर पर फाइनल अथारिटी अब स्वयं मुख्यमंत्री होंगे। इससे पहले यह जिम्मेदारी स्थानीय निकाय मंत्री के पास थी। राज्य सरकार द्वारा लिए इस फैसले से यह संकेत भी मिले हैं कि मुख्यमंत्री ने अपने सबसे करीबी कैबिनेट मंत्री ब्रह्म मोहिंदरा की ताकत कम कर दी है।
हालांकि सीएमओ और ब्रह्म मोहिंदरा की ओर से उक्त फैसले को लेकर कोई टिप्पणी नहीं की गई है, लेकिन नए फैसले के तहत नगर निगमों के कमिश्नरों की सालाना एसीआर लिखने का काम स्थानीय निकाय विभाग के सचिव करेंगे। पहले यह रिपोर्ट मेयर द्वारा लिखी जाती थी और रिपोर्ट में फैसले के लिए स्थानीय निकाय मंत्री फाइनल अथारिटी होते थे।
सरकार के नए फैसले को इसलिए भी सियासी नजरिए से देखा जा रहा है क्योंकि ब्रह्म मोहिंदरा के इस विभाग का मंत्री रहते हुए बीते दिनों सीएलयू चेंज करने के अधिकार भी सीएमओ ने स्थानीय निकाय विभाग से वापस ले लिए थे।
पिछले साल मुख्यमंत्री में अपनी कैबिनेट में फेरबदल करते हुए नवजोत सिंह सिद्धू से स्थानीय निकाय विभाग वापस लेकर ब्रह्म मोहिंदरा को सौंप दिया था। तब सिद्धू को बिजली विभाग सौंपा गया था, लेकिन उन्होंने नए विभाग का पदभार नहीं संभाला और लंबी खींचतान के बाद कैबिनेट मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था।
किसी भी सरकार में स्थानीय निकाय विभाग को लगभग आधी सरकार माना जाता है। नवजोत सिद्धू को जब यह विभाग दिया गया, तब सियासी चर्चा यह हुई कि कैप्टन के रसूख के चलते कांग्रेस आलाकमान ने सिद्धू को उपमुख्यमंत्री तो नहीं बनाया लेकिन सबसे बड़ा (लोकल बाडी) विभाग सौंपकर उन्हें कैप्टन से समकक्ष ला दिया है।
ब्रह्म मोहिंदरा को जब यह विभाग सौंपा गया, तब भी यही चर्चा जोरों पर रही कि कैप्टन ने अपने सबसे भरोसे और करीबी मंत्री को लोकल बाडीज सौंपकर सारे सूत्र अपने हाथ में ले लिए हैं।