प्रवासी मजदूरों को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह सोनिया गांधी के पक्ष में उतर आए हैं। उन्होंने भाजपा सरकारों को निशाने पर लेते हुए ऐसे गंभीर मुद्दे के सियासीकरण के लिए केंद्र और राज्यों में भाजपा की सरकारों को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस का नेतृत्व वाले राज्यों सहित समूची पार्टी संकट की इस घड़ी में प्रवासी कामगारों की सहायता के लिए दिन-रात काम कर रही है।
उनकी अपनी सरकार 16 मई तक 1,78,909 प्रवासियों को उनके गृह राज्यों में भेजने के लिए 149 रेल गाड़ियों का प्रबंध कर चुकी है। प्रवासी मजदूरों को उनके घर भेजने के लिए पंजाब में यह प्रक्रिया जारी है। कैप्टन ने निर्मला सीतारमण की उस टिप्पणी को भी पूरी तरह बेबुनियाद और अनुचित करार दिया है जिसमें वित्त मंत्री ने कहा था कि राहुल गांधी को प्रवासी मजदूरों को मिलने के मौके पर उनके साथ ही चलना चाहिए था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रवासी मजदूरों की सुध लेने के लिए सड़कों पर उतरे राहुल गांधी पर तंज कसने की बजाय निर्मला सीतारमण को भाजपा के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार के साथ बात करके प्रवासियों को छोड़ने के लिए बसों को प्रवेश करने की आज्ञा दिलानी चाहिए। यूपी प्रशासन की तरफ से इन बसों को प्रवेश करने की आज्ञा न देने के कारण बसें दिल्ली-यूपी सरहद पर रुकी हुई हैं।
कैप्टन ने कहा कि केंद्र सरकार प्रवासी कामगारों और गरीबों की सहायता के लिए संजीदगी के साथ काम करने वालों पर हमले करने की बजाय इस संकट के समय में पार्टी स्तर से ऊपर उठकर हर नेता और वर्कर को साथ लेकर चले। इससे देश के लोगों को जरूरी और अपेक्षित सहायता मुहैया करवाई जा सकेगी।