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कर्मचारियों की शिकायतें दूर करने को कैप्टन ने बनाई मंत्रियों की कमेटी

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चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने वीरवार को राज्य सरकार के कर्मचारियों की शिकायतों के निपटारे के लिए मंत्रियों की निगरान कमेटी का गठन कर दिया। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि स्थानीय निकाय मंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा, वित्त मंत्री मनप्रीत बादल, सामाजिक न्याय और सशक्तीकरण मंत्री साधु सिंह धर्मसोत, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री ओपी सोनी और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू इस कमेटी का हिस्सा होंगे।
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मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को अलग-अलग विभागों के कर्मचारियों की शिकायतों की निजी तौर पर सुनवाई करने के लिए अफसरों पर आधारित कमेटी गठित करने के भी आदेश दिए हैं। यह कमेटी केएपी सिन्हा, विवेक प्रताप सिंह और हुस्न लाल, जो प्रमुख सचिव रैंक के सीनियर आईएएस अधिकारी हैं, पर आधारित होगी। अधिकारियों की यह कमेटी नियमित तौर पर कर्मचारियों के साथ मुलाकात करेगी और उनकी शिकायतों के निपटारे के लिए प्रयास करेगी। यह कमेटी निगरान कमेटी को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी जो आगे फैसला लेगी। प्रवक्ता ने बताया कि पंजाब सरकार अपने कर्मचारियों की सभी जायज मांगों का हल करने के लिए वचनबद्ध है।
उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा छठे वेतन आयोग की सिफारिशें मंजूर किए जाने और आगामी एक जुलाई से मुलाजिमों को आयोग की सिफारिशों के मुताबिक वेतनमान लागू करने के फैसले के खिलाफ प्रदेश से सभी कर्मचारी संगठन लामबंद हो गए हैं। बीते दो दिन से पंजाब सचिवालय के सभी कार्यालयों में कलमछोड़ हड़ताल चल रही है। मुलाजिम संगठनों ने अब पूरे राज्य में पांच दिवसीय कलमछोड़ हड़ताल का एलान भी कर दिया है। दरअसल, मुलाजिमों का आरोप है कि छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार यदि संशोधित वेतनमान लागू किए गए तो मुलाजिमों का वेतन बढ़ने के बजाय 10 हजार रुपये प्रति माह तक कम हो जाएगा। मुलाजिम संगठनों ने वेतन आयोग की सिफारिशों को नामंजूर कर दिया है।
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