चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पूर्व की सरकारों में कैप्टन अमरिंदर सिंह व सुखबीर बादल लोगों के असल मुद्दों से हमेशा भागते रहे। यही कारण है कि अब लोगों ने उनको सत्ता से ही भगा दिया है। इन नेताओं ने पंजाब की समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया, जिसके कारण लोगों ने इन्हें नकार दिया है। यह पंजाब की बदकिस्मती है कि ऐसे नेताओं के हाथों में सत्ता की बागडोर रही, जिन्होंने सिस्टम को बिगाड़ कर रख दिया। सीएम मान मंगलवार को सेक्टर-35 स्थित म्युनिसिपल भवन में संबोधित कर रहे थे।
इस दौरान उन्होंने कृषि विभाग, राजस्व विभाग, स्कूल शिक्षा, सहकारिता, स्थानीय सरकार, सामाजिक सुरक्षा, जल आपूर्ति और स्वच्छता, कर व आबकारी, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, वित्त विभाग, उद्योग और व्यापार और पशुपालन विभाग के नवनियुक्त 417 युवाओं को नियुक्ति पत्र भी सौंपे। उन्होंने युवाओं से अपील की कि अब वह जल्द ही नौकरी जॉइन कर लें और काम पर ध्यान दें। तबादले का आवेदन जल्दी लेकर न आएं। उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से पूरा ध्यान रखा गया है कि सभी युवाओं को नजदीकी एरिया में ही नियुक्ति मिले, लेकिन बिल्कुल ही घर के पास ही नियुक्ति देना भी संभव नहीं है।
मान ने कैप्टन की बेटी जयइंदर कौर पर भी सियासी हमला बोला और कहा कि वह अच्छी तरह से पंजाब भी नहीं जानती हैं, लेकिन उनको राजनीति में लांच कर रहे हैं। ऐसे हालात में वे कैसे लोगों की समस्याओं को हल करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुखबीर बादल 25 साल राज करने का दावा करते थे, लेकिन इस समय उनकी स्थिति इतनी दयनीय हो गई है कि उनके साथ 25 नेता भी इकट्ठे नहीं हो पा रहे। अकाली नेता श्री अकाल तख्त साहिब जाकर आजकल माफी मांग रहे हैं, लेकिन अपने किए गुनाहों का जिक्र भी नहीं करते हैं।
सीएम ने कहा कि शिअद इस समय फूट का शिकार है। यह गुटबाजी इनके अपने ही कार्यों का नतीजा है। इन्होंने हमेशा अपने निजी हितों काे ऊपर रखा, जबकि लोगों की भलाई की कभी बात नहीं की। अब लोग आम घरों के युवाओं को आगे ला रहे हैं। कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां जैसे साधारण नेता ने लंबी हलके से पांच बार के मुख्यमंत्री रहे प्रकाश सिंह बादल को हराया है। यही कारण है कि उन्होंने खुड्डियां को मंत्रिमंडल में शामिल करवाया।
मान ने कहा कि कांग्रेसी नेता प्रताप सिंह बाजवा जैसे विरोधी नेता सुबह उठते ही उनके अच्छे कामों का भी विरोध करना शुरू कर देते हैं, लेकिन वो उनके खिलाफ जो चाहे बोलते रहें, आप सरकार पंजाब की प्रगति के लिए फैसले लेने से पीछे नहीं हटेगी।
आर्मी में 18 साल सेवा के बाद बने पटवारी :
सीएम मान ने इस दौरान 18 साल आर्मी की सेवा करने के बाद रिटायरमेंट लेकर वापस आए फाजिल्का निवासी सरबजीत सिंह को भी नियुक्ति पत्र सौंपा। उनकी रेवेन्यू पटवारी के पद पर नियुक्ति हुई है। सरबजीत सिंह नियुक्ति पत्र पाकर भावुक भी हो गए। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के समय उनको यह मौका नहीं मिला और अब वह पटवारी की नियुक्ति पाकर खुश हैं। इसी तरह पहलवान रणधीर सिंह को भी पटवारी के पद का नियुक्ति पत्र मिला। रणधीर ने बताया कि वह कुश्ती अकादमी भी चला रहे हैं और नए पहलवान तैयार कर रहे हैं। सीएम मान ने उनसे कहा कि नौकरी के बाद भी आप ने अकादमी बंद नहीं करनी है और पहलवानों को तैयार करने की प्रक्रिया जारी रखनी है। इस मौके पर राजस्व मंत्री ब्रह्म शंकर जिम्पा, शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस, कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां और स्थानीय निकाय मंत्री बलकार सिंह के अलावा अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।