चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कैंटोनमेंट बोर्ड को बड़ा झटका देते हुए पंप ड्राइवर, पंप अटेंडेंट और फिटर पदों पर कार्यरत कर्मचारियों को संशोधित वेतनमान देने का आदेश दिया है। अदालत ने निर्देश दिया है कि इन कर्मचारियों को पंजाब सरकार के समान पदों व समान योग्यता वाले कर्मियों के बराबर वेतनमान प्रदान किया जाए।
जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ ने विभिन्न याचिका स्वीकार करते हुए कहा कि मैट्रिक और दो वर्षीय आईटीआई योग्यता रखने के बावजूद कर्मचारियों को 15 वर्षों से कम वेतनमान में रखा गया, जो अन्यायपूर्ण है। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में समान कार्य के लिए समान वेतन के सिद्धांत, 13 मई 1969 के समझौता ज्ञापन और सुप्रीम कोर्ट तक मान्य पूर्व निर्णयों पर भरोसा जताया है।
हाईकोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि कैंटोनमेंट बोर्ड ने पूर्व मुकदमा वापस लेने के बाद कर्मचारियों के दावे पर विचार करने का विश्वास दिया था लेकिन उसे पूरा नहीं किया। हाईकोर्ट ने बोर्ड के इस रवैये को मनमाना और संविधान के अनुच्छेद 14 व 21 का उल्लंघन करार दिया। हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि कर्मचारियों को नियुक्ति की तिथि से संशोधित वेतनमान दिया जाए, तय अवधि के भीतर बकाया एरियर का भुगतान किया जाए और 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी प्रदान किया जाए। आदेश की अवहेलना की स्थिति में अवमानना कार्रवाई की अनुमति भी दी गई है।