फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Panchkula News: पंजीकरण प्रमाणपत्र से छेड़छाड़ कर दस लाख रुपये में बीएएमएस का फर्जी प्रमाणपत्र बनाया

विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

पंचकूला। दूसरे डॉक्टर के पंजीकरण प्रमाणपत्र से छेड़छाड़ कर दस लाख रुपये में बीएएमएस का फर्जी प्रमाणपत्र बनाने के फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। हरियाणा मेडिकल काउंसिल के रजिस्ट्रार ने सत्यापन में इस फर्जीवाड़े को पकड़ा है। सेक्टर-5 पुलिस ने हरियाणा मेडिकल काउंसिल के रजिस्ट्रार की शिकायत पर दो डॉक्टरों डॉ. नीरज बंसल, डॉ. नवीन कुमार समेत करण सरना, महेंद्र, और एक अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
काउंसिल के रजिस्ट्रार डॉ. दिनेश शर्मा ने पुलिस को इस मामले की शिकायत दी है। उनके अनुसार अगस्त और अक्टूबर 2022 में फूड एंड ड्रग डिपार्टमेंट हिसार से सत्यापन के लिए उनको दो पत्र मिले। इसमें डॉ. महेंद्र कुमार नाम के व्यक्ति का पंजीकरण सत्यापन करना था। पंजीकरण पत्र सत्यापन करने पर पता चला कि डॉ. नीलम का पंजीकरण और सर्टिफिकेट सीरियल नंबर का गलत तरीके से इस्तेमाल कर डॉ. महेंद्र का सर्टिफिकेट बनाया गया है। उन्होंने नवंबर 2022 में फूड एंड ड्रग डिपार्टमेंट हिसार को लेटर लिखकर फर्जीवाड़े की जानकारी दी। साथ ही महेंद्र कुमार को नोटिस जारी कर काउंसिल के समक्ष दिसंबर 2022 को पेश होने को कहा। काउंसिल के रजिस्ट्रार के अनुसार महेंद्र कुमार ने लिखित में अपने अपने बयान दर्ज करवाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

बयान के अनुसार कुछ साल पहले उनके बेटे ने नीट की परीक्षा के लिए आवेदन किया था। इसमें उनका मोबाइल नंबर आवेदन पत्र में था। उसी दौरान चंडीगढ़ के डॉ. बंसल ने उनके नंबर पर संपर्क किया और 10 लाख रुपये में बीएएमएस का सर्टिफिकेट दिलवाए जाने की बात कही। साथ ही उन्होंने एडवांस के तौर पर पांच लाख रुपये मांगे। डॉ. नवीन और डॉ. बंसल ने मिलकर करीब दो माह के भीतर ही मार्च 2022 तक बीएएमएस का फर्जी सर्टिफिकेट बनवाकर उन्हें दे दिया। इसके अलावा बकाया के पांच लाख रुपये ले लिए। अब मोहिंदर सरकारी गवाह बनकर अपने लिखित बयान दे चुका है। एसएचओ अजीत कुमार का कहना है कि पुलिस इस मामले में काउंसिल द्वारा दिए दस्तावेजों की जांच कर रही है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें