चंडीगढ़। महात्मा गांधी ग्रामीण बस्ती योजना के तहत दिए गए प्लाटों में सुविधाओं के अभाव पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को फटकार लगाई। हाईकोर्ट ने कहा कि जरूरतमंदों को छत देने के लिए केवल प्लॉट आवंटन काफी नहीं है, उन्हें सुविधाएं भी देना जरूरी है ताकि वे योजना का लाभ उठा सकें। हाईकोर्ट ने अब याची की मांग पर सरकार को 4 सप्ताह में निर्णय लेने का आदेश दिया है।
याचिका दाखिल करते हुए चरखी दादरी की झोझू पंचायत निवासी जय भगवान व अन्य ने बताया था कि उन्हें महात्मा गांधी ग्रामीण बस्ती योजना के तहत प्लाट आवंटित किए गए थे, लेकिन कब्जा नहीं दिया जा रहा। हाईकोर्ट के नोटिस के जवाब में बीडीपीओ ने बताया कि याचिकाकर्ताओं को भूमि पर कब्जा दे दिया गया है। इस पर हाईकोर्ट को सूचित किया गया कि केवल भूमि आवंटित की गई है और इस पर निर्माण के लिए कोई सुविधा मुहैया नहीं करवाई जा रही है। हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि महात्मा गांधी ग्रामीण बस्ती योजना का उद्देश्य जरूरतमंद बेघर लोगों को छत मुहैया करवाना है। यदि केवल भूमि दे दी गई और सुविधाएं नहीं दी गई तो योजना का उद्देश्य कैसे पूरा हो सकेगा। सुविधाएं देने के बाद ही वे इस योजना का लाभ सही प्रकार से ले सकेंगे। हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा करते हुए याचिकाकर्ताओं को आदेश दिया कि वह पंचायत को अपनी मांगें सौंपे। पंचायत व संबंधित अधिकारियों को यह आदेश दिया कि यदि मांग पत्र मिलता है तो वे इस पर 4 सप्ताह के भीतर निर्णय लेना सुनिश्चित करें।