फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Panchkula News: बुजुर्ग के खाते में 4.50 लाख रुपये डालकर ठग लिए 22 लाख

विज्ञापन
विज्ञापन
सेक्टर-12 साइबर थाने में एक मामला दर्ज, दूसरे शिकायत की पुलिस कर रही जांच
विज्ञापन

माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। साइबर फ्रॉड करने वालों ने दो बुजुर्गों को मेडिकल इमरजेंसी के नाम पर ठगा है। दोनों मामलों में आरोपियों ने बुजुर्गों से कुल 22.10 लाख रुपये की ठगी की गई है। पुलिस को दी शिकायत में सेक्टर-17 निवासी राजेंद्र गुप्ता ने बताया कि 12 फरवरी 2024 की दोपहर उनके मोबाइल पर एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को उनका रिश्तेदार बताया। उसने कहा कि उसे लोगों की आर्थिक सहायता करने की इच्छा है। इसके लिए उसने बुजुर्ग के खाते में 4.50 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिया।
इसका मैसेज भी आरोपी ने पीड़ित को भेज दिया। आरोपी ने पीड़ित बुजुर्ग को आकाश नाम के व्यक्ति के बैंक खाते में मेडिकल इमरजेंसी के लिए तीन लाख रुपये जमा करवाने के लिए कहा। शेष डेढ़ लाख रुपये बुजुर्ग को अपने पास रखने को कहा। बुजुर्ग ने पैसा जमा करवा दिया। उसके बाद आरोपी ने बुजुर्ग को कॉल कर यूएसए में रहने वाले उसके दोस्त के बैंक खाते में मेडिकल इमरजेंसी के नाम पर सात लाख रुपये जमा करवाने को कहा। बुजुर्ग ने अपने बैंक खाते से कहे मुताबिक रुपये जमा करवा दिए। इसके बाद बुजुर्ग से उसी दोस्त का वीजा लगवाने के लिए डेढ़ लाख रुपये जमा करवाने को कहा तो बुजुर्ग ने जमा करवा दिया।
विज्ञापन

बुजुर्ग ने जब आरोपी से जमा करवाया हुआ पैसा वापस करने को कहा तो आरोपी ने कहा कि वह जल्द ही उनके बैंक खाते में पैसा ट्रांसफर कर देगा। भरोसे में आकर बुजुर्ग से आरोपी ने 22 लाख रुपये मेडिकल इमरजेंसी और वीजा के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में पैसा ट्रांसफर करवा लिया। पैसा वापस नहीं आने पर बुजुर्ग ने अपने परिजनों को मामले के बारे में बताया तो फर्जीवाड़ा सामने आया और पुलिस को मामले की शिकायत दी।


मेडिकल इमरजेंसी में मदद के नाम पर 10 हजार रुपये ठगे
पंचकूला वार्ड नंबर-20 के कोट गांव निवासी रविंदर कुमार के साथ 20 मार्च की सुबह 10 हजार रुपये की साइबर ठगी हुई थी। उन्होंने मामले की शिकायत 1930 पर दी। पुलिस मामले की जांच कर रही है। रविंदर ने बताया कि उनके मोबाइल पर 10.20 मिनट पर एक अज्ञात कॉलर ने कॉल कर खुद को उनके जानकार शर्मा का भाई बताकर कहा कि शर्मा जी का फोन बंद है। मेडिकल इमरजेंसी के कारण वह उनके बैंक खाते में 25 हजार रुपये ट्रांसफर कर रहा है।
विज्ञापन

तुरंत 10 हजार रुपये एक दूसरे नंबर पर ट्रांसफर कर दो। आरोपी के कहे मुताबिक रविंदर कुमार ने 10 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिया। बाद में दोबारा से आरोपी ने कॉल कर पांच हजार रुपये ट्रांसफर करने को कहा तो पीड़ित ने ऐसा करने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि पहले मैं बैंक खाते में चेक करवा लेता हूं कि पैसा ट्रांसफर हुआ है या नहीं उसके बाद ट्रांसफर करूंगा। बैंक खाते में चेक करने पर पैसा ट्रांसफर नहीं हुआ था और उसके तुरंत बाद पीड़ित ने आरोपी के नंबर पर कॉल कर पैसा वापस करने को कहा तो उसने फोन बंद कर लिया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें