मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भी बहुत जरूरी है कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत राज्य की तरफ से अपने हिस्से के तौर पर डाले जाने वाले योगदान के लिए केंद्र सरकार नाबार्ड और अन्य बहु -समर्थक एजेंसियों से पैसा दिलाने में राज्य की मदद करे।
अब तक 17.48 लाख घरों तक पाइप से पहुंचा पानी
पंजाब में पाइपों से पानी की सप्लाई की हालत पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 1 अप्रैल, 2020 तक 17.48 लाख घरों को स्कीम के अंतर्गत कवर किया जा चुका है। बाकी 1759542 घरों में से 760000 को 2020 -21 में कवर करने का प्रस्ताव है और 2021 -22 में शेष घर कवर कर लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बाशिंदों के लिहाज के साथ राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में 92 फीसदी निवासियों को पाइप के जरिये जल सप्लाई के नेटवर्क के अंतर्गत कवर किया जा चुका है और 50 फीसदी ग्रामीण घरों को व्यक्तिगत पानी सप्लाई कनेक्शन दिए जा चुके हैं।
प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 70 लीटर पानी की व्यवस्था
राज्य में जल सप्लाई सेवाओं के मापदंडों के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 70 लीटर पानी और रोज 10 घंटे सप्लाई को निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि कई गांव ऐसे भी हैं, जहां हफ्ते के सातों दिन 24 घंटे सप्लाई का लक्ष्य पूरा किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुल 8240 स्कीमों में से 4351 जल सप्लाई स्कीमों का प्रबंध ग्राम पंचायत जल सप्लाई और सैनिटेशन कमेटियों की तरफ से देखा जा रहा है और 2770 स्कीमों को चलाने के लिए वित्तीय साधन इनकी तरफ से खुद जुटाए जाते हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में पाइपों के जरिये जल सप्लाई स्कीमों को चलाने और रख -रखाव के लिए वित्तीय साधन जुटाने को यकीनी बनाने के लिए डीडब्ल्यूएसएस द्वारा चलाई जा रही जल सप्लाई स्कीमों के लिए प्रति घर प्रति महीना 135 रुपए भुगतान वसूल किया जाता है। साल 2019 -20 के दौरान उपयोग चार्जों के तौर पर कुल 92 करोड़ रुपए एकत्रित किये गए थे, जिनका प्रयोग बिजली के बिलों की अदायगी और जल सप्लाई स्कीमों के रख-रखाव पर 75:25 की दर के साथ की गई।