प्रशासन करे समस्या का हल
काॅलोनी के साथ साथ शहर में भी संरक्षित पशुओं की भरमार है। काॅलोनी के दो लोगों पर सांड़ ने हमला कर उन्हें घायल कर दिया। लोगों में खौफ का माहौल है। ऐसी हालात में बच्चों, बुजुर्गों का घर से निकलना मुश्किल होता जा रहा है। प्रशासन से मांग है कि संरक्षित पशुओं को पकड़कर शहरवासियों को इनके खतरे से बचाया जाए।
-गजेंद्र शर्मा, प्रधान, श्री गणपति रेजिडेंट वेलफेयर सो
साइटी
शिकायत के बाद भी नहीं होती कार्रवाई
शहर में आवारा कुत्तों, संरक्षित पशुओं से आम पब्लिक को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। करीब एक महीना पहले उनकी पोती पर आवारा कुत्ते ने हमला कर घायल कर दिया। उन पर भी सांड़ ने हमला कर दिया था परंतु वह किसी तरह से बच गए। नगर परिषद कार्यालय में भी शिकायत देकर आए परंतु कोई कार्रवाई नहीं हुई।
सुरेश कुमार स्थानीय निवासी
सरकार मूलभूत सुविधाएं देने में असफल
संरक्षित पशुओं को पकड़ने के लिए नगर परिषद ने लाखों खर्च कर दिए परंतु इनकी संख्या ज्यों की त्यों बनी है। जब पशु पकड़ने पर किए खर्च का हिसाब मांग जाता है तो नगर परिषद द्वारा जांच कमेटी बनाकर उसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। कुछ महीने पहले ही संरक्षित पशु के हमले से एक मासूम की जान भी चली गई परंतु नगर परिषद और प्रशासन संरक्षित पशुओं की समस्या हल करने की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा। भाजपा सरकार मूलभूत सुविधाएं देने में पूरी तरह असफल है। नगर परिषद के प्रतिनिधि लोगों की समस्याएं हल करवाने की बजाय मूक दर्शक बने हुए हैं। भंवर सिंह राणा, प्रदेश संयुक्त सचिव, व्यापार प्रकोष्ठ आम आदमी पार्टी
कोट्स...
नगर परिषद कालका की ओर से संरक्षित पशुओं को पकड़ने की कार्रवाई की जाती है लेकिन उन्हें छोड़ने की समस्या आ रही है। गोशाला वाले इन्हें लेने से मना कर देते हैं। -मदनलाल, चीफ सेनिटरी इंस्पेक्टर, नगर परिषद कालका