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Panchkula News: राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान का भवन तैयार, ओपीडी शुरू, अप्रैल से मिलेंगी अन्य सुविधाएं

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माई सिटी रिपोर्टर
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पंचकूला। एम्स की तर्ज पर पंचकूला के राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान में स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। माता मनसा देवी क्षेत्र के सेक्टर-5बी में अस्पताल और कॉलेज का भवन बनकर तैयार हो चुका है। इसको अंतिम रूप दिया जा रहा है। ओपीडी और इमरजेंसी के लिए अलग-अगल प्रवेश द्वार तैयार कर लिया गया है। यहां 250 बेड का अस्पताल बेसमेंट को लेकर तीन मंजिल तैयार किया गया है। अभी इसमें चार ऑपरेशन थिएटर बनाया जाना है। वर्तमान में संस्थान में ओपीडी शुरू हाे गई है, अप्रैल में इसकी सुविधाएं लोगों को मिलनी शुरू हो जाएंगी। इसके अलावा कॉलेज की चार मंजिल तैयार की गईं हैं।
बता दें कि 20 एकड़ भूमि में 240 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाले प्रोजेक्ट में 13 भवनों का निर्माण किया जा रहा है। इसमें 250 बेड का एक अस्पताल, एक कॉलेज भवन, एक सभागार, पांच गृह भवन, बेसमेंट शामिल हैं। पहले चरण में मार्च 2024 तक अस्पताल और कॉलेज की बिल्डिंग से जुड़ा काम पूरा कर लिया जाएगा। इसके उद्घाटन के लिए केंद्रीय आयुष मंत्रालय को विभाग ने पत्र भी खिला है। वहीं प्रोजेक्ट से जुड़े दूसरे काम जुलाई तक पूरे कर लिए जाएंगे।
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हॉस्टल का काम दिसंबर तक होगा पूरा
माता मनसा देवी में कॉलेज के प्रोफेसर और कर्मचारियों के लिए रिहायशी हॉस्टल भी बनाया जा रहा है। इसका काम जुलाई 2024 तक कर लिया जाएगा। इसमें करीब 96 फ्लैटों का निर्माण किया जा रहा है। विद्यार्थियों के लिए बनाए जा रहे हॉस्टल में कुल 176 कमरे हैं। माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड पंचकूला की 19.87 एकड़ भूमि आयुष मंत्रालय को 27 अप्रैल 2017 को पट्टे पर दी थी। उस समय कुछ खसरा नंबर रह गए थे। उन्हें 13 जनवरी 2022 को हस्तांतरित कर दिया गया था। प्रोजेक्ट का काम जुलाई 2024 तक पूरा कर लिया जाएगा।
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क्या-क्या मिलेंगी सुविधाएं
- इस संस्थान में 100 आयुर्वेद और 150 प्राकृतिक चिकित्सा के बेड होंगे।
- यह संस्थान एम्स दिल्ली की तरह केंद्र सरकार के स्वामित्व वाली संस्था होगी।
- यहां यूजी, पीजी और पीएचडी की डिग्री के लिए हर वर्ष 500 छात्रों को शिक्षा दी जाएगी।
- इसमें अस्पताल और कॉलेज भवन, स्नातक, स्नातकोत्तर और अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए छात्रावास, आवासीय भवन होंगे।
- इसमें अतिथि गृह, निदेशक गृह भवन, सभागार और अस्पताल भवन के नीचे वाणिज्यिक परिसर और बेसमेंट की सुविधा मिलेगी।



अभी पंचकर्मा के मरीजों को दाखिल करने की सुविधा नहीं
अभी पंचकर्मा के लिए आने वाले मरीजों को दाखिल करने की सुविधा नहीं है। इस वजह से उनको होटलों और सेक्टरों में बने प्राइवेट गेस्ट हाउसों में ठहरना पड़ता है। पंचकर्मा के लिए हरियाणा ही नहीं पंजाब के अलग-अलग शहरों से भी मरीज आते हैं, लेकिन अस्पताल नहीं होने की वजह से कभी जनरल अस्पताल तो कभी यूथ हॉस्टल में मरीजों को ठहराना पड़ता है। हर माह अस्पताल में करीब डेढ़ से दो सौ मरीज ऐसे आते हैं, जिन्हें दाखिल करना जरूरी होता है, लेकिन अस्पताल नहीं होने की वजह से उन्हें दूसरे जगह भेजना पड़ता है। इनमें स्पोर्ट्स के मरीजों की तादाद ज्यादा होती है।
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