सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा है कि सैन्य अधिकारी को उनकी मर्जी के अनुसार पोस्टिंग नहीं दी जा सकती है।
कोर्ट ने टिप्पणी की है कि बीएसएफ एक सुरक्षा बल है और इस तरह के बल के कर्मचारियों को मनचाही पोस्टिंग नहीं दी जा सकती है। कोर्ट ने सैन्य अधिकारी की याचिका खारिज कर दी।
चंडीगढ़ में तैनात डिप्टी कमांडेंट राजेंद्र सिंह हुंदल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर बताया कि उनका तबादला राजस्थान कर दिया गया है। उसकी सेवानिवृत्ति में अब केवल 2 वर्ष बाकी है। उसके दो बच्चे हैं, जो पढ़ाई कर रहे हैं और यदि तबादला हुआ तो बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी।
याची ने कहा कि यदि तबादला किया जाता है तो सरकार पर भी राजस्व का बोझ पड़ेगा, इसलिए तबादले पर रोक लगाई जाए। याचिकाकर्ता की दलीलों पर केंद्र सरकार की ओर से कहा गया कि डिप्टी कमांडेंट की पोस्टिंग चंडीगढ़ में 3 साल के लिए ही होती है, जिसे बढ़ाया नहीं जा सकता।
सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने तबादले पर रोक लगाने से इनकार करते हुए याचिका को खारिज कर दिया। हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को अपनी नई बटालियन में जाकर ज्वाइन कर देश की सेवा करने की हिदायत दी।