500 रुपये लेते कैमरे में कैद हुआ वॉलंटियर
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चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस को एक बार फिर शर्मसार होना पड़ा। हाल ही में कार का चालान न काटने के एवज में चालक से एक हजार रुपये रिश्वत लेने पर दो ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को डिसमिस किया गया था, इसके बावजूद सबक न लेते हुए अब एक ट्रैफिक वालंटियर (होमगार्ड) ने रांग साइड से टर्न कर रही इंडेवर गाड़ी का चालान न काटने के एवज में 500 रुपये रिश्वत ले ली।
मामला जब ट्रैफिक एसएसपी शशांक आनंद तक पहुंचा तो फौरन कार्रवाई करते हुए इसकी जानकारी होमगार्ड कमांडेंट विनीत कुमार को दी। जहां देर रात वालंटियर संजीव राणा को डिसमिस कर दिया गया, जबकि अन्य दो ट्रैफिक पुलिसकर्मियों पर इंक्वायरी मार्क कर दी गई है।
मामला बुधवार दोपहर करीब 12.30 बजे का है। हिमाचल नंबर की इंडेवर गाड़ी खरड़ से पंचकूला की ओर जा रही थी। गाड़ी में एक युवक, महिला और उनके साथ बच्चा था। गाड़ी हल्लोमाजरा लाइट प्वाइंट से स्लिप रोड से लेफ्ट टर्न न लेकर लाइटों से पंचकूला की ओर मुड़ गई। इतने में वहां ट्रैफिक पुलिस हेड कांस्टेबल राजकुमार की अगुवाई में ड्यूटी दे रहे वालंटियर संजीव राणा ने रांग साइड से गाड़ी आती देख उसे रोक लिया। संजीव ने चालक से गाड़ी के कागजात मांगे और रांग साइड से मोड़ने पर उसका चालान काटने का धमकी दिया।
इसके बाद चालान न काटने के एवज में संजीव ने कार सवार से 500 रुपये की मांग कर गाड़ी छोड़ने की बात कही। चालक द्वारा रुपये देने के बाद उन दोनों में किसी बात को लेकर बहस शुरू हो गई, देखते ही देखते वहां हंगामा शुरू हो गया। मामला इस कदर बढ़ गया कि मौके पर डीएसपी हरजीत कौर तक को पहुंचना पड़ा। पूूछताछ में चालक ने बताया कि वह और उसकी बहन नाडा साहिब जा रहे थे।
रुपये लौटाते वक्त वीडियो में कैद
ड्रामा करीब आधे घंटे तक चला। इसके बाद संजीव कार चालक को रुपये वापस करने लगा, तभी उसकी वीडियो बना ली गई और वह रुपये देते वीडियो में कैद हो गया। इतनी ही उसने कार चालक से माफी भी मांगी कि वह आगे से ऐसा नहीं करेगा।
डीएसपी और हेड कांस्टेबल ने लगाई फटकार
घटना के बाद मौके पर डीएसपी हरजीत कौर पहुंचीं। उन्हें इस बारे में पता चला तो संजीव को जमकर फटकार लगाई। इसके अलावा हेड कांस्टेबल राजकुमार ने भी संजीव को डांट फटकार लगाई। सूत्रों के अनुसार ट्रैफिक पुलिस इस एंगल पर जांच कर सकती है कि संजीव ने अकेले बिना किसी को बताए कैसे चालक से रुपये ले लिए। ट्रैफिक पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है।
इससे पहले दो ट्रैफिक पुलिसकर्मी हो चुके हैं डिसमिस
बीते 6 सितंबर को पिकाडली चौक पर रेड लाइट लाइट जंप करने पर चालान न काटने के एवज में एक हजार रुपये लेने वाले हेड कांस्टेबल जगजीत और कांस्टेबल सचिन को डीजीपी संजय बेनीवाल ने फौरन डिसमिस कर दिया था। घटना के बाद से दोनों की अभी तक गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
बाहर की गाड़ियों पर होती है नजर
नया नियम लागू होने के बाद ट्रैफिक पुलिस पहले से और ज्यादा एक्टिव हो गई है। जगह-जगह नाके लगाए जा रहे हैं। नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों के खिलाफ लगातार चालान भी काटे जा रहे हैं। बता दें कि इससे पहले जब ऐसा ही मामला सामने आया था तो कार हरियाणा नंबर की थी। इस मामले में हिमाचल नंबर की गाड़ी थी, ऐसे में पुलिस की बाहरी राज्य की गाड़ियों पर नजर रहती है।
वालंटियर संजीव हाल ही में ट्रैफिक विंग में आया था। उसकी विडियो भी सामने आई है। मामले में होमगार्ड कमांडेंट को बता दिया गया है। तत्काल प्रभाव से उसे डिसमिस करने का आदेश जारी कर दिया गया है।
- शशांक आनंद, एसएसपी, ट्रैफिक चंडीगढ़।