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Panchkula News: चुनिंदा दुकानों पर ही मिल रहीं किताबें, अभिभावक बेबस

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स्कूलों-विक्रेताओं के गठजोड़ और किताबें, ड्रेस व बैग मनमाने दाम पर बेचने के आरोप
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माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही शहर में स्कूल संचालकों और किताब व ड्रेस विक्रेताओं के कथित गठजोड़ के आरोप सामने आए हैं। अभिभावकों का कहना है कि निजी स्कूल बच्चों की किताबें, कॉपियां, यूनिफॉर्म और बैग केवल चुनिंदा दुकानों से ही खरीदने का दबाव बना रहे हैं, जहां मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं।
जिले के करीब 40 निजी स्कूलों ने अभिभावकों को निर्धारित दुकानों की सूची थमा दी है। इन दुकानों पर न तो छूट मिल रही है और न ही सामान अन्य स्थानों पर उपलब्ध है, जिससे अभिभावकों को मजबूरी में महंगे दाम पर खरीदारी करनी पड़ रही है।
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सेक्टर-4 के एक निजी स्कूल में पढ़ने वाली छात्रा के अभिभावक राजेश कुमार ने बताया कि किताबों और बैग पर करीब सात हजार रुपये, ड्रेस पर 1500 रुपये और जूतों पर एक हजार रुपये खर्च करने पड़े। वहीं सेक्टर-20 निवासी रमेश गौड़ ने बताया कि उनकी बेटी के लिए किताबों पर आठ हजार रुपये और ड्रेस, बैग व जूतों पर करीब तीन हजार रुपये अतिरिक्त खर्च करने पड़े।

सर्कुलर के बावजूद नहीं हो रही कार्रवाई
पंचकूला पैरेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष बांगड़ ने कहा कि शिक्षा विभाग ने केवल एनसीईआरटी किताबें लागू करने का सर्कुलर जारी किया है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने विभाग से जांच कर सख्त कदम उठाने की मांग की।
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एनसीईआरटी बनाम निजी प्रकाशकों की कीमत
पहली से पांचवीं: एनसीईआरटी 180-400 रुपये, निजी स्कूलों में दाम (निजी प्रकाशक) 1500-3500 रुपये
छठी से आठवीं: एनसीईआरटी 400-800 रुपये, निजी स्कूलों में दाम (निजी प्रकाशक) 5000-8000 रुपये

कोट:
शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि वे अभिभावकों पर किसी विशेष दुकान से खरीदारी का दबाव न बनाएं। यदि ऐसी शिकायत मिलती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-संध्या मलिक, जिला शिक्षा अधिकारी, पंचकूला
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