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Panchkula News: इमरजेंसी के बाहर स्ट्रेचर पर तड़पता रहा लहूलुहान मरीज, 20 मिनट बाद पहुंची एंबुलेंस

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डॉक्टरों ने जांच के बाद पीजीआई किया था रेफर,
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माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। नागरिक अस्पताल में इन दिनों मरीजों और तीमारदारों को व्यवस्थाओं से दो-चार होना पड़ रहा है। गंभीर हालत में मरीज एंबुलेंस का इंतजार करते रहते हैं। एंबुलेंस नहीं आने की वजह से कई बार मरीजों को अन्य व्यवस्था कर पीजीआई या अन्य अस्पताल जाना पड़ता है या फिर वहीं इंतजार करना पड़ता है। शनिवार को भी इसी तरह के दो मामलों में मरीजों और तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इसी तरह के एक मामले में करंट लगने से झुलसे एवं गंभीर रूप से घायल नरिंदर कुमार लहूलुहान स्ट्रेचर में एंबुलेंस का इंतजार करते रहे।
डायल 112 नंंबर पर फोन लगाने के बाद भी काफी देर तक एंबुलेंस नहीं पहुंची। इस दौरान आसपास के लोग भी मरीज की हालत देखकर व्यवस्थाओं को कोसते नजर आए। अस्पताल के हालात इस कदर खराब हैं कि बिजली की लाइन में फॉल्ट आने की वजह से एमआरआई की मशीनें ही नहीं चल रही थीं। इसके अलावा एक्सरे की एक ही मशीन चलने के कारण लोगों की लंबी लाइन लगी हुई थी।
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शहर के सेक्टर-15 में बिजली कर्मचारी नरिंदर कुमार को खंभे पर चढ़कर फॉल्ट रिपेयर करने के दौरान सुबह 11 बजे करंट लग गया। गांव रामपुर निवासी नरिंदर खंभे से गिरकर बुरी तरह घायल हो गया। नाक, मुंह सहित शरीर में कई जगह चोट लगने के कारण वह लहूलुहान हो गया। सिविल अस्पताल के डॉक्टरों ने उसे पीजीआई रेफर कर दिया। इसके बाद डायल 112 को फोन किया गया। लहूलुहान मरीज बाहर स्ट्रेचर पर तड़पता रहा लेकिन एंबुलेंस करीब 20 मिनट बाद माैके पर पहुंची।
इस दौरान मरीज भी पैनिक हो गए। इससे उन्हें समस्या का सामना करना पड़ा। दूसरे मामले में मौलीजागरां निवासी रामपुकार के हाथ की उंगली मशीन की चपेट में आने से कट गई। वे सिविल अस्पताल सेक्टर-6 पहुंचे। उनके हाथ की ड्रेसिंग के बाद भी खून बंद नहीं हुआ। खून बंद नहीं होने के कारण उनको दूसरे वाहन से प्राइवेट अस्पताल जाना पड़ा। उनको भी मौके पर एंबुलेंस नहीं मिली। इस तरह के हालात मरीज और उनके तीमारदारों को रोजाना झेलनी पड़ रही है। लोगों का कहना है कि डायल 108 बंद होने के कारण यह दिक्कत आ रही है। इसके लिए सीएमओ की तरफ से एनएचएम को लेटर लिखा गया है।

इमरजेंसी में सैंपलिंग की सुविधा नहीं
सेक्टर-6 सिविल अस्पताल की इमरजेंसी में आए मरीजों के लिए ब्लड और यूरिन सहित अन्य सैंपल लेने की व्यवस्था थी। इसे अब बंद कर दिया गया है। इस कारण सीनियर सिटीजन, इमरजेंसी वार्ड में आए मरीज लैब में एक घंटे से ज्यादा धक्का खाने के बाद सैंपल दे पा रहे हैं। इससे भी मरीजों को दिक्कत हो रही है। इमरजेंसी में इलाज कराने आई सुशीला देवी ने बताया कि स्ट्रेचर में होने के बाद इलाज मिला है। इस कारण समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
एमआरआई सेंटर की मेन वायर खराब, नहीं चली मशीनें
एमआरआई सेंटर की मेन वायर खराब होने की वजह से मशीनें तीन दिन से बंद पड़ी है। अभी इस वायर को सही किया जा रहा है। इसे ठीक करने के लिए पांच लाख की वायर डाली गई है। इस कारण आने वाले मरीजों को परेशानी हुई। आने वाले मरीज अमित कुमार ने बताया कि एमआरआई के लिए डॉक्टर ने लिखा है। अब इसे दो दिन बाद करवाएंगे।

अस्पताल में एंबुलेंस की डायल 108 की सुविधा बंद है। अब यह 112 नंबर से चलती है। इसकी जानकारी एनएचएम को दी गई है। अब एंबुलेंस का संचालन पूरी तरह से 112 नंबर से हो रहा है। इसका संचालन पुलिस विभाग द्वारा किया जा रहा है। -डॉ. मुक्ता कुमार, सीएमओ, पंचकूला सिविल अस्पताल सेक्टर-6
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सिविल अस्पताल में एमआरआई सेंटर सहित जो भी असुविधा है। उन्हें जल्द ही दुरुस्त किया जाएगा। एमआरआई सेंटर में लगने वाली केबल को ठीक कराया गया है। वहीं एक्सरे मशीन नई इंस्टाल की गई है। इसे जल्द ठीक कराएंगे। - डॉ. उमेश मोदी, पीएमओ, सिविल अस्पताल सेक्टर-6
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